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खेतों का काम छोड़कर धरने पर बैठीं महिलाएं, कहां-मांगें पूरी न होने तक डटी रहेंगी

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धरना स्थल पर अनशन पर बैठीं महिलाएं। संवाद - फोटो : Jind
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जींद। ग्रीन फील्ड हाईवे नंबर 352-ए और नेशनल हाईवे 152-डी के पास इंटरचेंज की मांग को लेकर धरने पर बैठे चाबरी, भिड़ताना, मोरखी के ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं हो जाती, उनका धरना जारी रहेगा। धरने की अध्यक्षता शीला भिड़ताना ने की।
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शीला भिड़ताना ने कहा कि इस समय धान कटाई का काम जोरों पर चला हुआ है लेकिन वह लोग रास्ते की मांग को लेकर काम छोड़कर धरने पर बैठी हैं। उन्हें उम्मीद है कि उनका संघर्ष रंग लाएगा। यदि उनको यह रास्ता नहीं मिला तो उन्हें बहुत दूर से होकर अपने खेतों में जाना पड़ेगा। इससे उन्हें काफी परेशानी होगी। यह परेशानी बहुत लंबी होगी। इस परेशानी से बचने के लिए ही वह धरने पर बैठी हैं। महिलाओं का कहना है कि वीरवार को सरकार ने पूर्व एडीजीपी सीआईडी अनिल राव को भेजा था। उन्होंने बातचीत के बाद एक सप्ताह का समय दिया है। उन्हें उम्मीद है कि उनकी समस्या का समाधान अगले सप्ताह तक हो जाएग। जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होगा, वह धरना जारी रखेंगी।
शुक्रवार को सदेश, सरोज, मुन्नी, अजीता व शीला देवी अनशन पर बैठी। धरनास्थल पर उच्च न्यायालय के अधिवक्ता रणधीर रेढू पहुंचे ओर धरने का समर्थन किया। उन्होंने किसानों की समस्याएं सुनीं और उनकी मांग को जायज बताया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनको सड़क मार्ग पर रास्ता नहीं मिल जाता, वह अपना धरना जारी रखेंगे। रास्ते को लेकर उनकी अधिकारियों से बातचीत भी हो चुकी है। इस मौके पर प्रधान सूबे सिंह, ओमप्रकाश, विनोद, राजेंद्र, राजेश, प्रदीप, काला भी मौजूद रहे।
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