सफीदों।प्रजातंत्र में पंचायती राज प्रणाली काफी महत्वपूर्ण होती है लेकिन सरकार इस प्रणाली को तहसनहस करने में जुटी है। सरपंचों की शक्ति छीनने का मुद्दा जल्द ही राज्यसभा में उठाएंगे। इसके लिए राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखा है। ये बातें राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने मंगलवार को धरनास्थल पर पहुंचकर सरपंचों का समर्थन देते हुए कहीं।
उनके साथ स्थानीय विधायक सुभाष गांगोली और सरपंच एसोसिएशन के ब्लाक अध्यक्ष निरवैर सिंह खरकड़ा मौजूद थे। इस दौरान दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि वे खुद और पूरी कांग्रेस पार्टी प्रदेश के सरपंचों के साथ खड़ी है। हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा भी सरपंचों के मुद्दे को उठा रहे हैं। कहा कि जनता इस विश्वास के साथ सरपंचों को चुन कर भेजती है कि उनके गांवों का विकास होगा लेकिन हरियाणा सरकार ने ग्राम पंचायतों के अधिकारों में कटौती कर रही है। ई-टैंडरिंग कानून के कारण पंचायतें अपने स्तर पर गली तक नहीं बनवा पाएंगी। इस प्रकार के कानून से ग्रामीण विकास पूरी तरह ठप जाएगा और लोकतांत्रिक व्यवस्था तार-तार हो जाएगी।
ऐसा करके हरियाणा सरकार सरपंचों से गांव में विकास कार्य करवाने का अधिकार ही नहीं छीन रही है बल्कि उन्हें अफसरशाही के अधीन करना चाहती है। हरियाणा सरकार के इस फैसले के खिलाफ प्रदेशभर में सरपंच धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से सरपंचों की मांगों को तत्काल प्रभाव से मानने की मांग की।