जींद। सरपंच एसोसिएशन ने ई-टेंडरिंग और राइट टू रिकॉल के विरोध में रानी तालाब चौक पर मुख्यमंत्री, उप मुख्यमंत्री तथा पंचायत मंत्री के पुतले जलाकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सरपंचों ने कहा कि यदि सरकार उनकी नहीं सुनतीं और खाप उनके साथ खड़ी हो गई तो इसे जनआंदोलन बनाकर आर पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
सरपंचों ने 17 मार्च को विधानसभा घेराव में सरपंच बढ़चढ़ कर भाग लेेंगे। जिले से बड़ी संख्या में सरपंचों के पहुंचने का दावा किया। प्रदर्शन से पहले सरपंच एसोसिएशन की जींद ब्लाक प्रधान प्रीति मनोहरपुर के नेतृत्व में सरपंचों ने नेहरू पार्क में रोष सभा का आयोजन किया। ओम प्रकाश कंडेला ने कहा कि सरकार को सरपंचों की मांग को मान लेना चाहिए। यदि खापें इनके साथ खड़ी हो गई तो यह आरपार की लड़ाई होगी और इनके साथ मिलकर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन करेंगे। आंदोलन को जन आंदोलन बनाया जाएगा, जिसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भाजपा को भुगतना होगा। वक्ताओं ने कहा कि सरकार के प्रतिनिधियों के साथ कई बार वार्ता हो चुकी हैं। सरकार ने बोर्ड के साथ बातचीत करने का प्रस्ताव रखा, लेकिन सरपंचों ने इस बात के लिए मना कर दिया। अब सरकार 17 मार्च के विधानसभा घेराव को विफल करने में लगी हुई है। आंदोलन को और ज्यादा मजबूत बनाने के लिए सरपंच गांव-गांव जाकर लोगों में जनजागृति लाने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि गांवों को बचाने का प्रयास किया जा सके। प्रीति मनोहरपुर ने कहा कि 17 मार्च को चंडीगढ़ में विधानसभा घेराव किया जाएगा और इस बार पहले से भी ज्यादा संख्या में सरपंच इस बार जुटेंगे। प्रीति ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मिता नहीं छोड़ रही है तो सरपंच भी पीछे हटने वाले नहीं हैं। लाठीचार्ज कर सरपंचों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। वह पिछले एक महीने से भी ज्यादा समय से धरने पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगें मानने को तैयार नहीं है। सीएम मनोहर लाल ने सरपंचों के साथ बैठक की, लेकिन मुख्य मुद्दे ई-टेंडरिंग पर फोकस नहीं किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होती तब तक आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर खंड के सभी सरपंच मौजूद रहे।