जींद। जिले में अमृत मित्र योजना के तहत हर घर शुद्ध जल देने के लिए पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की गई है। इसकी बागडोर स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथ में रहेगी। महिलाएं शहर में हर घर जाकर सैंपल एकत्रित करेंगी। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से प्रदेश के 12 जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह कार्य किया जाएगा। इसमें जींद जिला भी शामिल है। इसको लेकर जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय में सोमवार को बैठक भी हुई।
जिले में प्रोजेक्ट के तहत शहरी आजीविका मिशन के तहत बनाएं गए समूहों में जींद में दुर्गा देवी स्वयं सहायता समूह तो नरवाना में लक्की स्वयं सहायता समूह का चयन किया गया है। इनकी महिलाएं एक साल तक विभाग के साथ काम करेंगी। समूह के साथ विभाग ने एक साल का अनुबंध किया है। भारत सरकार की ओर से शहरी क्षेत्र में शुद्ध जल को लेकर अमृत मित्र योजना की शुरुआत की गई है। वहीं हर महीने महिलाओं के कार्य का मूल्यांकन किया जाएगा। जिसमें महिलाओं की रिपोर्ट तैयार होगी। वहीं महिलाओं का कार्य सही नहीं हुआ तो महिलाओं से कार्य वापस ले लिया जाएगा। वहीं अगर महिलाएं लक्ष्य पूरा कर लेती हैं तो उन्हें 90 रुपये प्रत्येक सैंपल के हिसाब से दिए जाएंगे। काम में संतुष्टि न होने पर विभाग काम भी वापस ले सकता है। जिले में सोमवार से महिलाओं का प्रशिक्षण भी शुरू हो गया।
इस प्रकार काम करेंगी महिलाएं
महिलाओं को हर रोज पानी के 15 सैंपल एकत्रित करने होंगे। जिसे विभाग की लैब में जमा करवाना होगा। वहीं महीने में महिलाओं को कुल 330 सैंपल जमा करवाने होंगे। साथ ही महिलाओं को शहर में हर रोज पांच दूषित पेयजल कनेक्शन ढूंढने होंगे। इनके बारे में विभाग को बताकर इनको ठीक भी करवाना होगा। वहीं पूरे महीने में 110 कनेक्शन देने होंगे। इसके अलावा शहर में हर माह 5 लीकेज होंगे। वहीं महीने भर में 110 लीकेज ढूंढने होंगे।
हर घर को स्वच्छ जल देना ही लक्ष्य
इस योजना का लक्ष्य हर घर को स्वच्छ जल देना है। इसके तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाओं का चयन किया गया है, जो हर रोज पानी के सैंपल लेंगी और विभाग को सौंपेगी। अभी मां कृपा स्वयं सहायता समूह की दो महिलाओं का चयन किया गया है। -रणधीर मताना, जिला सलाहकार, जनस्वास्थ्य विभाग, जींद।