जींद। जिले की अनाज मंडियों में शुक्रवार तक खरीद प्रक्रिया बीते वर्ष की तुलना में कछुआ चाल चली हुई थी, लेकिन शनिवार को एकदम से मंडी में गेहूं की आवक कई गुना बढ़ गई। इसके चलते शहर की अनाजमंडी में शनिवार को 1.10 लाख क्विंटल गेहूं की आवक हुई। जो बीते वर्ष की तुलना में कई गुना तक बढ़ गया। बीते वर्ष इस दिन तक जिलेभर की मंडियों में लगभग 1.22 लाख क्विंटल गेहूं आया था।
शहर की अनाज मंडी में खरीद प्रक्रिया के तीसरे दिन तक आवक ज्यादा रही, लेकिन नमी के नाम पर खरीद के लिए एजेंसियां आगे नहीं आई थीं। इसके कारण खरीद बीते वर्ष की तुलना में शुक्रवार तक लगभग पौने तीन गुना कम रही। इसमें सबसे ज्यादा सफीदों की मंडी में लगभग 16 हजार से ज्यादा तो दूसरे स्थान पर लगभग 11 हजार क्विंटल की खरीद के साथ पिल्लूखेड़ा की मंडी रही। इसके अलावा उचाना मंडी में 7960 क्विंटल, अलेवा में लगभग सात हजार क्विंटल, फुलियां कलां मंडी में 1500 क्विंटल, जुलाना में एक हजार क्विंटल, छातर में आठ सौ क्विंटल गेहूं खरीदा गया। यह खरीद शुक्रवार तक की थी, लेकिन शनिवार को सभी मंडियों में तीन से चार गुना तक आवक होने से बीते वर्ष से लगभग तीन गुना ज्यादा खरीद हुई। जिले की 35 मंडियों में फूड सप्लाई, हैफेड, एफसीआई व हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन गेहूं की खरीद कर रहे हैं।
किसानों को नहीं होने दी जाएगी परेशानी
जिले में किसानों को गेहूं खरीद में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए सभी खरीद एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं। किसानों से अपील है कि वह गेहूं में नमी की मात्रा 12 प्रतिशत होने पर ही मंडी में लेकर आएं। आगामी कई दिनों तक मौसम खराब बताया जा रहा है। किसान फसल को साफ मौसम में ही कटवाएं। -निशांत राठी, जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी, जींद।