सुबह के समय छाये कोहरे के बीच से गुजरती रेलगाड़ी।
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जींद। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते शुक्रवार देर शाम कुछ स्थानों में हल्की बूंदाबांदी हुई। इसके बाद मौसम का मिजाज और बदल गया और ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गई। अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में चार से छह डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। पूर्व की तरफ से चल रही ठंडी तेज हवा से धूप खिली होने के बाद भी दिनभर कंपकपी छुटती रही। शनिवार को अधिकतम तापमान 16 डिग्री तथा न्यूनतम तापमान तीन डिग्री दर्ज किया गया। मौसम में आद्रता 80 प्रतिशत जबकि हवा की गति 14 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार कड़ाके की ठंड तीन दिनों तक और रफ्तार पकड़ेगी। इससे तापमान में और गिरावट आएगी। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी कि वह शाम को ही फसलों की सिंचाई करें।
पिछले कुछ दिनों से आकाश में बादलवाई बनी हुई थी और तापमान में भी बढ़ोत्तरी हो गई थी। अधिकतम तापमान 20 डिग्री तक जा पहुंचा था तो न्यनूतम तापमान दस डिग्री पार जा रहा था। शुक्रवार शाम को जिला के कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी हुई और रातभर बादलवाई भी रही। शनिवार को दिन का आगाज आकाश में छाए बादलों के साथ हुआ। दिन चढने के साथ बादल छंट गए और धूप खिल उठी। बावजूद इसके ठंड से दिनभर कंपकपी छुटती रही। इसके चलते लोगों ने जल्दी से काम निपटाया और घरों में घुस गए।
लोगों को खिली धूप का आंनद लेते हुए देखा गया। पहाड़ी क्षेत्रों में हुई बर्फबारी तथा वर्षा के चलते मौसम का मिजाज एक बार फिर ठंडा हो गया है। पूर्व की तरफ से चल रही बर्फीली हवाओं से तापमान में भी जबरदस्त गिरावट आई है। न्यूनतम तापमान लुढ कर तीन डिग्री पर आ गया है। वहीं अधिकतम तापमान भी लुढककर 16 डिग्री पर आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी और शीत लहर भी चलेगी। 19 जनवरी को पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम करवट लेगा। इसके बाद तापमान में कुछ इजाफा हो जाएगा। पांडू पिडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डॉ. राजेश ने बताया कि अगले तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड पड़ेगी। हवा की गति तेज होने के साथ ठंडी रहेगी।