संवाद न्यूज एजेंसी
जुलाना। क्षेत्र के देवरड़ गांव में जलभराव से 800 एकड़ में फसल खराब हो गई है। इससे किसानों को नुकसान पहुंचा है। किसानों ने जलनिकासी व्यवस्था के लिए विधायक से लेकर डीसी तक गुहार लगाई लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पाया है। किसानों का कहना है कि रोजाना खेतों में पानी बढ़ रहा है। निकासी की कोई भी व्यवस्था अभी तक नहीं की जा सकी है।
देवरड़ गांव निवासी रविंद्र, राजू, सुरेंद्र, दिनेश, कर्मबीर व रामफल ने बताया कि चार साल से उनकी फसल लगातार खराब हो रही है लेकिन अभी तक सरकार और प्रशासन ने कोई भी पुख्ता इंतजाम नहीं किया है। बरसात का पानी तो दूर किलाजफरगढ़ माइनर का पानी भी देवरड़ के खेतों में भी पानी भर गया है। क्योंकि नंदगढ़, सिरसाखेड़ी और फतेहगढ़ के किसान अपने खेतों से पानी की निकासी के लिए पानी को किलाजफरगढ़ माइनर में उतार रहे हैं। इससे पानी सीधा देवरड़ में आकर रुक जाता है। खेतों से निकासी की कोई भी व्यवस्था नहीं है। ना तो पास में कोई ड्रेन है और ना ही कोई माइनर है जिसमें कि पानी को उतारा जा सके। किसानों की मांग है कि सरकार को चाहिए कि जल्द से जल्द निकासी व्यवस्था करे और जलभराव का स्थाई समाधान करें। ताकि उन्हें हो रहे आर्थिक संकट से छुटकारा मिल सके। देवरड़ गांव निवासी संजय ने बताया कि उसने 25 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 12 एकड़ जमीन ठेके पर ली थी। बीस हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से धान पर खर्च भी किया था लेकिन खेतों में जलभराव होने के कारण उसे काफी नुकसान हुआ है। किसानों की मांग है कि खराब हुई फसलों की जल्द से जल्द गिरदावरी करवाकर उन्हें मुआवजा दिया जाए ताकि आर्थिक संकट से छुटकारा मिल सके।
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प्रशासन द्वारा खराब हुई फसलों की जल्द से जल्द गिरदावरी की जाएगी और रिपोर्ट बनाकर उच्चाधिकारियों के पास भेजी जाएगी। देवरड़ गांव में निकासी की कोई भी व्यवस्था नही है। राजस्व और सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया है।
-प्रतीक कुमार, नायब तहसीलदार जुलाना।