संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। बारिश नहीं होने के बाद भी शहर के कई स्थानों पर जलभराव से डेंगू, मलेरिया समेत अन्य संक्रामक बीमारियां फैलने की आशंका जताई जा रही है। जिले में इस वर्ष अबतक 70 मरीज डेंगू पॉजिटिव मिल चुके हैं। सितंबर में डेंगू के अधिक मरीज मिलने की आशंका जताई जा रही है। इसके बाद भी न तो जलनिकासी, उचित सफाई की व्यवस्था की जा रही है और न ही प्रत्येक क्षेत्रों में नियमित रूप से फागिंग हो रही है। इसकी वजह नगर परिषद में फागिंग मशीनों की कमी होना है।
नगर परिषद के पास सिर्फ एक बड़ी फॉगिंग मशीन है जिसे तंग गलियों में नहीं ले जाया जा सकता है। नगर परिषद ने दो छोटी फॉगिंग मशीन खरीदने के लिए कोटेशन मांगी है। डेंगू पर अंकुश लगाने के लिए फॉगिंग मशीन की सख्त जरूरत है। फिलहाल जहां भी डेंगू के मरीज मिलते हैं, उन घरों के आसपास स्वास्थ्य विभाग खुद फॉगिंग कराता है। संबंधित कॉलोनी तथा आसपास के घरों में फॉगिंग कराने की जिम्मेदारी नगर परिषद की है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग डेंगू पॉजिटिव परिवार के लोगों के रक्त के नमूने लेकर जांच करवाता है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार कई दिनों से एक जगह पर जलभराव होता है जिससे मच्छर पनपते हैं और लोग डेंगू से पीड़ित होते हैं। नगर पालिका के पास सिर्फ एक बड़ी फॉगिंग मशीन होने से सभी इलाकों में फॉगिंग नहीं हो पाती है। खास तौर पर जिस कॉलोनियों की गलिया सकरी हैं वहां मशीन नहीं पहुंच पाती है।
इन स्थानों पर है जलभराव
शहर में कई स्थानों पर जलभराव और गंदगी है। पटियाला चौक से पिंडारा की तरफ जाने वाली सड़क पर जलभराव से अधिक परेशानी है। यहां पर गंदगी भी पड़ी रहती है। कृषि विभाग के कार्यालय के मुख्य गेट पर एक महीने तक जलभराव रहता है। इसके अलावा जाट स्कूल व कॉलेज के सामने, हुडा ग्राउंड में दो एकड़ के खाली पड़े मैदान में पानी भरा हुआ है। इन स्थानों पर मच्छरों का प्रकोप अधिक है जिससे डेंगू फैलने की आशंका बनी हुई है।
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सन मिले डेंगू मरीज
2017 135
2018 98
2019 47
2020 28
2021 622
2022 535
2023 70
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कई दिनों तक एक स्थान पर जलभराव रहने के कारण डेंगू फैलता है। जिस घर में डेंगू का मरीज मिलता है, उसमें स्वास्थ्य विभाग फॉगिंग करवाता है। नगर परिषद के पास आसपास के घरों व कॉलोनी में फॉगिंग करने की जिम्मेदारी है। कई बार समय पर आसपास के घराें में फॉगिंग नहीं हो पाती। फिलहाल जिले में डेंगू नियंत्रण में है। जलभराव वाले स्थान पर केमिकल डाला जाता है।-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन।
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नगर परिषद के पास एक बड़ी फॉगिंग मशीन से जिले ट्रैक्टर-ट्राली से ले जाया जाता है। शहर की कॉलोनियों में फॉगिंग करवाई जाती है। कई बार तंग गलियों में जाने में परेशानी होती है। दो छोटी फॉगिंग मशीन खरीदने के लिए कोटेशन मांगी गई है। इसी सप्ताह में मशीन खरीद ली जाएगी।-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद।