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Jind News: बड़ौदी गांव में बनेगा जलघर, ढाई लाख की आबादी को मिलेगा पेयजल

Tue, 27 Jun 2023 12:12 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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संवाद न्यूज एजेंसी
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जींद। पांच साल से नहरी पानी पर आधारित पेयजल की उम्मीद लगाए बैठे शहर के लोगों का सपना अब पूरा होने वाला है। पिछले नौ महीने से बड़ौदी गांव में बनने वाले जलघर की डीपीआर को सरकार ने मंजूरी दे दी है। इसके लिए तीन जुलाई को लगभग 500 करोड़ रुपये जनस्वास्थ्य विभाग को मिल जाएंगे। इसके बाद इस परियोजना पर काम शुरू हाेने की उम्मीद है।
नौ महीने पहले जनस्वास्थ्य विभाग ने इस प्रोजेक्ट की डीपीआर बनाकर मुख्यालय भेजी थी, अब इसे मंजूरी मिल गई है। बड़ौदी गांव में जलघर के लिए 46 एकड़ में से 36 एकड़ जमीन जनस्वास्थ्य विभाग के नाम हो चुकी है लेकिन अभी 10 एकड़ जमीन नहीं मिल सकी है। किसान इस जमीन का अधिक दाम मांग रहे हैं। जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जमीन का मामला जल्द सुलझा लिया जाएगा। पूरे प्रोजेक्ट पर 500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अगले साल शहर के लोगों को पीने के लिए नहरी पानी मिल सकेगा।
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मुख्यमंत्री ने वैसे तो 2016 में शहर के लोगों को पेयजल के लिए नहरी पानी उपलब्ध करवाने की घोषणा की थी। उसके बाद जनस्वास्थ्य विभाग ने जींद में शहर के बीच से गुजर रही हांसी ब्रांच नहर से पानी उपलब्ध करवाने की योजना बनाई लेकिन यह नहर पूरे वर्ष नहीं चलने के कारण योजना लटक गई। इसके बाद नरवाना के पास से गुजर रही सिरसा ब्रांच नहर (जो कि पूरे वर्ष चलती है) से पेयजल उपलब्ध करवाने की योजना बनाई। इसके लिए 2018 में जनस्वास्थ्य विभाग ने बड़ौदी गांव के पास जमीन देखी। यहां 46 एकड़ जमीन के अधिग्रहण की बात हुई लेकिन 36 एकड़ जमीन ही जनस्वास्थ्य विभाग के नाम की गई। 10 एकड़ जमीन के मालिक किसानों ने सड़क के साथ लगती जमीन का अधिक रेट मांगा। पहले 36 एकड़ जमीन 42 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से जनस्वास्थ्य विभाग ने खरीदी थी। 10 एकड़ जमीन के मालिक 55 से 60 लाख रुपये प्रति एकड़ मांग रहे हैं। अब इस 10 एकड़ जमीन को अधिक रेट में खरीदने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग ने मंजूरी मांगी है। वहीं 36 एकड़ जमीन की जनस्वास्थ्य विभाग ने बाड़बंदी करवा दी है। इस प्रोजेक्ट की अब डीपीआर को भी मंजूरी मिल गई है। तीन जुलाई को चंडीगढ़ मुख्यालय में बैठक होगी, जिसके बाद इस प्रोजेक्ट के पैसे भी जनस्वास्थ्य विभाग के पास आ जाएंगे और काम शुरू करवाया जाएगा।

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पाइपलाइन के जरिये नरवाना से बड़ौदी गांव पहुंचेगा पानी

नरवाना के पास से गुजर रही सिरसा ब्रांच नहर का पानी लगभग 45 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन दबाकर बड़ौदी गांव में बनने वाले जलघर तक लाया जाएगा। इसके बाद शहर में अलग-अलग जगह 24 बूस्टर बनाए जाएंगे ताकि पूरे शहर में प्रेशर के माध्यम से पानी पहुंचाया जा सके। बड़ौदी से पाइपलाइन के जरिये इन बूस्टिंग स्टेशनों तक पानी लाया जाएगा और आगे घरों में सप्लाई की जाएगी।

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भूमिगत पानी का टीडीएस अधिक

शहर में भूमिगत पानी में टीडीएस की मात्रा दो हजार से भी ज्यादा है। हुडा सेक्टरों और अर्बन एस्टेट को छोड़ दें तो बाकी शहरवासियों को भूजल की आपूर्ति की जाती है। जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से शहर में विभिन्न जगहों पर करीब 52 सबमर्सिबल ट्यूबवेल लगाए गए हैं, जिनसे आधे से ज्यादा शहर में पानी की सप्लाई की जाती है। हांसी ब्रांच नहर के आसपास लगे ट्यूबवेलों में बेशक टीडीएस एक हजार के आसपास है लेकिन गोहाना रोड, नया बस अड्डा की साइड भूमिगत पानी में टीडीएस की मात्रा दो हजार से भी ज्यादा है, जो सेहत के लिए खतरनाक है।
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तीन जुलाई को बैठक होगी, जिसमें इस परियोजना के लिए पैसा अलॉट हो जाएगा। अब शहर के लोगों को जल्द ही नहर आधारित पेयजल मिलने में देरी नहीं की जाएगी। 10 एकड़ जमीन भी जल्द ही विभाग के नाम हो जाएगी। इस परियोजना में कुछ तकनीकी कमियां थी जो दूर कर ली गई हैं।-संजीव कुमार, कार्यकारी अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग।
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