मखंड गांव को लाल डोरा मुक्त करने के लिए पहुंचे ग्राम सचिव, पटवारी को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन चल रहा है, तब तक लाल डोरा मुक्त करने का कार्य नहीं होने देंगे। पाला, मोमन, सतीश नंबरदार, गुरूवचन, चांदी राम, कृष्ण, कुलबीर व राकेश ने कहा कि किसान सात महीनों से अपने हक की मांग के लिए धरनों पर बैठे हैं, लेकिन केंद्र सरकार कोई सुध किसानों की नहीं ले रही है। उन्होंने कहा कि सोमवार को गांव में लाल डोरा मुक्त करने के लिए ग्राम सचिव व पटवारी गांव में आए थे। ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा है कि जब तक कृषि कानून को लेकर आंदोलन चल रहा है, तब तक किसी भी तरह का सरकारी कार्य नहीं होने देंगे। जब तक आंदोलन चलेगा तब तक किसी तरह का सर्व करने के लिए गांव में आए तो उनका विरोध किया जाएगा।