उचाना। कन्या स्कूलों को मर्ज करने की सरकार की नीति के खिलाफ ग्रामीणों ने सोमवार को राजकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला खेड़ी मंसानिया के गेट पर ताला लगाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान ग्रामीणों ने नारेबाजी भी की।
सुबह आठ बजे विद्यालय पहुंचे ग्रामीणों ने स्कूल के मेन गेट को बंद कर दिया। साढ़े दस बजे बीईओ पुष्पा देवी, बीआरसी रणपाल श्योकंद, सांस्कृतिक सचिव रामप्रसाद ने ग्रामीणों को समझा कर मेन गेट से ताला खुलवाया। ग्रामीणों ने सरकार की पॉलिसी के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए इस पॉलिसी को रद्द करने की मांग की गई। सीएम मनोहर लाल, शिक्षा मंत्री कंवरपाल के नाम ज्ञापन बीईओ के माध्यम से भेजा गया। बीईओ पुष्पा ने कहा कि ग्रामीणों की इस मांग को उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया जाएगा। जो ज्ञापन दिया गया है वो उचित माध्यम से भेजा जाएगा। खेड़ी मसानिया गांव की सरपंच कविता ने कहा कि एक तरफ सरकार बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का संदेश दे रही है जबकि प्रदेश की बेटियों के स्कूलों को बंद करने का काम सरकार आने वाले दिनों में करने वाली है। इससे कैसे बेटियों को पढ़ाया जा सकेगा। सरकार को चाहिए कि गांव में स्कूलों की संख्या बढ़ाए लेकिन सरकार तो स्कूलों को मर्ज करने पर तुली हुई है।
कहा कि इस तरह के फैसलों को सहन नहीं किया जाएगा। सरपंच प्रतिनिधि अनूप, अमरजीत, विनोद, रोहताश, ईश्वर जांगड़ा, सोनू ने कहा कि हमारे गांव के दोनों प्राइमरी स्कूल एक किलोमीटर से अधिक की दूरी पर स्थित है। राजकीय प्राथमिक पाठशाला रेलवे फाटक से दूसरी तरफ है जिसमें छोटे बच्चों को लाइन पार करके स्कूल जाना पड़ेगा तो वो किसी हादसे का शिकार हो सकते हैं। जब हमारे स्कूल नियमों के अनुसार मर्ज पॉलिसी में नहीं आते हैं तो क्यों स्कूल को मर्ज करने पर सरकार तुली है। प्राइवेट स्कूलों से अपने बच्चों को हटा कर सरकारी स्कूल में दाखिला करवाया है। स्कूल में बच्चों की संख्या की 175 है।