ग्रामीणों से बहस करती अध्यापिका। संवाद
- फोटो : Jind
जुलाना। बुढ़ाखेड़ा गांव में प्राचार्य के तबादले के विरोध में ग्रामीणों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा। दूसरे दिन भी ग्रामीणों ने गेट का ताला नहीं खोला और गेट के बाहर धरना दिया। ग्रामीणों के साथ छात्र भी धरने पर बैठे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्राचार्य का तबादला नहीं रोका जाता वह धरने को समाप्त नहीं करेंगे। दूसरे दिन धरने पर खंड शिक्षा अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। ग्रामीणों ने धरने के दूसरे दिन गेट के बाहर गेट पर टैंट लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि गांव के स्कूल में बुढ़ा खेड़ा लाठर और अकालगढ़ गांव के छात्र पढ़ते हैं और विभाग द्वारा स्कूल के प्राचार्य का तबादला किया है। छात्र और ग्रामीण चाहते हैं कि प्राचार्य का तबादला नहीं होना चाहिए।
धरने पर बैठे ग्रामीणों और अध्यापिका का हुआ टकराव
बुढ़ा खेड़ा गांव के स्कूल में धरना दे रहे ग्रामीणों से स्कूल में कार्यरत अध्यापिका सुमन हुड्डा का टकराव हो गया। अध्यापिका ने कहा कि बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। ग्रामीणों का विरोध का तरीका गलत है। स्कूल का ताला खोला जाए ताकि बच्चे पढ़ाई कर सकें। ग्रामीणों ने कहा कि वह किसी शिक्षक का विरोध नहीं कर रहे हैं। इसके बावजूद भी अध्यापिका धरना स्थल से नहीं हटी तो सूचना पाकर डायल 112 भी मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों के कहने पर भी अध्यापिका नहीं मानी। सूचना पाकर ग्रामीण महिलाएं मौके पर पहुंची और अध्यापिका को धरना स्थल से दूर ले गई। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि दो गांवों के ग्रामीणों के साथ अध्यापिका ने बदसलूकी की है और छात्रों को भड़काने का प्रयास किया है। ग्रामीणों ने अध्यापिका के खिलाफ खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित में शिकायत दी। शिकायत के माध्यम से ग्रामीणों ने अध्यापिका के तबादले की मांग की है।
बुढ़ा खेड़ा गांव के ग्रामीणों ने प्राचार्य का तबादले के विरोध में स्कूल को ताला लगाया है। ग्रामीणों के ज्ञापन को उच्चाधिकारियों को भेज दिया गया है। अध्यापिका की रिपार्ट बनाने के लिए प्राचार्य को निर्देश दिए गए हैं।
-शिवनारायण शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, जुलाना।