बुढ़ा खेड़ा लाठर गांव में स्कूल के प्राचार्य के तबादले के विरोध में ग्रामीणों ने ताला जड़ दिया। ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रोष प्रकट किया। ग्रामीणों ने स्कूल में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाता तब तक वह गेट को नहीं खोला जाएगा और धरना भी जारी रहेगा। बुधवार को स्कूली छात्राएं भूख हड़ताल पर बैठेंगी।
बुढ़ा खेड़ा गांव निवासी अजय, जयसिंह, अनिल, प्रदीप व रामकुमार आदि ने बताया कि स्कूल में 482 छात्र हैं और प्राचार्य को स्कूल में आए दस माह ही हुए हैं। दस माह में ही प्राचार्य ने स्कूल की दशा को सुधारने का काम किया। स्कूल से 19 अध्यापकों का तबादला हुआ है। स्कूल में छात्र संख्या पूरी होने पर भी तीन पदों को समाप्त किया गया है। ग्रामीण नई शिक्षा नीति का विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों ने सरकार की रेशनलाइजेशन ट्रांसफर पॉलिसी के विरोध में स्कूल के मैन गेट पर ताला जड़ दिया और धरना शुरू कर दिया। सूचना पाकर खंड शिक्षा अधिकारी विभाग कार्यालय के कर्मचारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नही माने। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्राचार्य का तबादला नहीं रुकता तब तक उनका धरना जारी रहेगा और बुधवार से स्कूली छात्राएं भी भूख हड़ताल पर बैठेंगी।
ग्रामीणों को समझाने का किया प्रयास नहीं माने
विभाग के निर्देशानुसार रेशनेलाइजेशन ट्रांसफर पॉलिसी के तहत अध्यापकों के पद समाप्त किए जा रहे हैं। बुढ़ा खेड़ा लाठर गांव में ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया था लेकिन ग्रामीण नहीं माने और स्कूल के गेट का ताला नहीं खोला। ग्रामीणों द्वारा दिए गए ज्ञापन को उच्चाधिकारियों को भेज दिया है।
-शिवनारायण शर्मा, खंड शिक्षा अधिकारी, जुलाना।