जुलान। क्षेत्र के गांव गतौली में ग्रामीणों ने 22 लाख रुपये चंदा एकत्रित कर आरओ प्लांट बनाकर अब पेयजल किल्लत से छुटकारा पाया है। शुक्रवार को आरओ प्लांट का उद्घाटन योगी अमरनाथ ने किया। गतौली गांव के ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लगभग 20 साल से पेयजल की किल्लत चली हुई थी। कई बार इसकी शिकायत अधिकारियों से लेकर मंत्रियों तक लगाई, लेकिन कोई भी समाधान नही हो पाया तो ग्रामीणों ने पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए चंदा एकत्रित किया। ग्रामीणों ने नहर के पास एक ट्यूबवेल लगाया और गांव तक पाइप लाइन बिछाकर गांव तक पानी लाया गया। गांव में मंदिर में आरओ प्लांट लगाया गया अब ग्रामीणों को ठंडा और शुद्ध पानी मिलेगा। गतौली गांव निवासी नरेश ढांडा, पप्पू, राजेश ढ़ाडा, बिजेंद्र धोला, कृष्ण आदि ने बताया कि गांव में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से जो पानी सप्लाई किया जाता है वह किसी लिहाज से पीने लायक नहीं है। पानी का टीडीएस ज्यादा इतना ज्यादा है कि पानी पीने से गांव में पेट और चर्म रोग बढ़ रहे हैं। जब सरकार से ग्रामीणों की समस्या से कोई सरोकार नही समझा तो ग्रामीणों ने खुद समस्या के समाधान के लिए बीड़ा उठाया और चंदा एकत्रित कर 22 लाख रुपये की लागत से नहर के पास ट्यूबवेल लगाया और 6960 फीट लंबी पाइप लाइन बिछाकर गांव के मंदिर तक लाई गई। मंदिर में 60 हजार लीटर की क्षमता का आरओ प्लांट बनाया गया है। प्लांट में पानी को ठंडा करने के लिए तीन फ्रीजर लगाए गए हैं और टैंक में तांबे की पाइप लाइन भी डाली गई है, जिससे गांव में सप्लाई होने वाला पानी पूर्ण रूप से स्वच्छ होगा।
ग्रामीण होते हैं पानी के लिए परेशान
जुलाना क्षेत्र के हर गांव में लोगों को पेयजल किल्लत से होकर गुजरना पड़ रहा है। कहने को तो जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से हर तीसरे दिन पेयजल सप्लाई किया जाता है, लेकिन वह पानी किसी भी लिहाज से पीले लायक नहीं होता। जुलाना के शामलो कलां और बुढ़ाखेड़ा लाठर के लोग भी चंदा एकत्रित कर पेयजल किल्लत को दूर कर चुके हैं, लेकिन अभी भी काफी गांवों में पेयजल की किल्लत से लोगों को होकर गुजरना पड़ रहा है। ग्रामीणों की समस्या की और सरकार और प्रशासन का कोई ध्यान नहीं है।
ग्रामीणों की एक अच्छी पहल है। ग्रामीणों ने चंदा एकत्रित कर पेयजल किल्लत को मिटाया है। अन्य गांवों के लोग भी इसी तरह पहल करें तो पेयजल किल्लत को मिटाया जा सकता है।
-अमरनाथ योगी, गतौली।