जींद। जिले में ऐसे बहुत से वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिनके नंबर प्लेट ही नहीं है। इनमें खासकर दोपहिया वाहन ज्यादा शामिल हैं। इसके अलावा 50 प्रतिशत ऐसे वाहन हैं, जिनपर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं है। बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चालान का प्रावधान है लेकिन इसके बावजूद यह वाहन सरपट सड़कों पर दौड़ रहे हैं। वहीं काफी वाहन चालक अपने वाहन पर रजिस्ट्रेशन नंबर इस प्रकार लिखवाते हैं कि वह पढ़ने वाले की समझ में ही नहीं आते। ऐसे वाहन चालकों के भी पुलिस चालान करती है लेकिन इसके बावजूद लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। बिना नंबर प्लेट वाले वाहन वारदातों में प्रयोग किए जाते हैं। इसके अलावा कई पेट्रोल पंपों से जो वाहन चालक पेट्रोल डलवाकर फरार हो जाते हैं, उनके वाहनों पर भी नंबर प्लेट नहीं होती।
जिले में बहुत से ऐसे वाहन हैं, जिन पर नंबर प्लेट ही नहीं लगी होती। इसके अलावा शहर में हर दूसरा वाहन आपको ऐसा मिल जाएगा, जिसपर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी हुई नहीं होती। इनमें सबसे अधिक पुराने वाहन शामिल हैं। नए वाहनों में आजकल एजेंसी संचालक ही हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाकर देते हैं। हालांकि पुलिस पूरी सख्ती के साथ लगी हुई है। जुलाई के 23 दिनों में ट्रैफिक पुलिस ने जिले में 372 वाहनों के चालान किए हैं, जिनपर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी हुई थी। इसके अलावा 34 ऐसे वाहनों के चालान किए गए हैं, जिन पर कोई नंबर प्लेट ही नहीं लगी थी। शहर के हर चौक-चौराहे पर पुलिस वाहनों के चालान करती आम देखी जा सकती है। इसके बावजूद लोग सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं।
सभी वाहनों पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट जरूरी
सभी वाहनों के लिए हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट अनिवार्य है। नए वाहनों को बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के पास नहीं किया जाता। जिस कारण नए मॉडल के वाहनों में तो हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगी होती है, लेकिन जो पुराने वाहन हैं, उनमें 50 प्रतिशत से अधिक ऐसे हैं, जिन पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट ही नहीं है।
क्या है हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट में एक प्रकार से वाहन से संबंधित सभी जानकारी छिपी होती हैं। इसपर लगे होलोग्राम में यूनिक आईडी नंबर है, जो सभी वाहनों पर अलग-अलग होता है। होलोग्राम लगा वाहन कहीं भी सीसीटीवी कैमरे की नजर से गुजरेगा तो वाहन से संबंधित पूरी जानकारी उसमें कैद हो जाती है। सभी प्लेट पर लेजर कोड और एक होलोग्राम के कारण इसकी डुप्टीकेट रजिस्ट्रेशन प्लेट भी तैयार नहीं की जा सकती। प्लेट पर विशेष प्रकट के नट-बोल्ट का इस्तेमाल किया जाता है। एक बार लगाने के बाद इसे खोला नहीं जा सकता।
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने का तरीका
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए एचएसआरपीएचआर डॉट कॉम पर पोर्टल को ओपन करना है। इसके बाद वाहन का रजिस्ट्रेशन नंबर, इंजन नंबर व चेसिस नंबर भरने का ऑप्शन आता है। सभी ऑप्शन भरने के बाद इसमें पेमेंट का ऑप्शन आता है। इसमें टू व्हीलर की नंबर प्लेट के लिए 253, चौपहिया वाहन के लिए 700 और ट्रक व बस के लिए 666 रुपये का भुगतान किया जाता है। जींद में हैबतपुर रोड पर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाई जाती हैं। नंबर प्लेट के लिए आवेदन करने के बाद यह एक सप्ताह में मिलती है।
पहली बार 500 तथा दूसरी बार 1500 रुपये का होगा चालान
बिना नंबर प्लेट के वाहन सड़क पर चलने या फिर मोडिफाई तरीके से नंबर लिखा मिलने पर पहली बार 500 रुपये का चालान काटा जाता है। यदि उसी वाहन का दोबारा नंबर प्लेट का ही चालान कटेगा तो वह 1500 रुपये का कटेगा।
जिले में प्रतिदिन बिना हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के चालान काटे जाते हैं। यदि किसी ने नंबर को मोडिफाई किया हुआ हो तो भी चालान काटा जाता है। बिना नंबर वाली बाइक या अन्य वाहन को इंपाउंड किया जाता है। पुलिस पूरी मुस्तैदी से अपना काम करती है। इसके अलावा वाहन चालकों को हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट लगवाने के लिए जागरूक भी किया जाता है।
-बलजीत, ट्रैफिक इंचार्ज, जींद शहर।