गोशाला में पशुओं को लंपी वायरस से बचाने के लिए फॉगिंग करते हुए। संवाद
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जींद। जिले में लगातार बढ़ रहे लंपी वायरस चर्म रोग के मामलों को देखते हुए पशु पालकों को चिंता बनी हुई है, लेकिन पशुपालन विभाग गंभीर नहीं है। इसके चलते पिछले चार दिन से जिला में पशुओं को लगाने के लिए वैक्सीन नहीं आई। हालांकि जिले में चार दिन पहले 6000 वैक्सीन पशुओं को लगी थी।
जिले में लंपी वायरस चर्म रोग का प्रकोप 90 से ज्यादा गांवों में फैल चुका है। इसके अलावा कई गोशाला भी लंपी वायरस की चपेट में आ चुकी हैं। इसके चलते अब जिले में लंपी का संक्रमण लगातार बढ़ने से पशु पालकों को चिंता सता रही है। इस वायरस से पशुओं को बचाने के लिए न तो पशुपालन विभाग ने सभी गांवों में फॉगिंग करवाई है और न ही पशुओं को वैक्सीन लगी है। जिले में लंबी वायरस के से संक्रमित पशुओं की संख्या 750 से ज्यादा हो चुकी है। पशुपालन विभाग को अभी तक यह भी जानकारी नहीं कि कब इसके लिए वैक्सीन जिले में पहुंचेगी। जिसके चलते जिला में पशुओं पर इस संक्रमण का खतरा लगातार बढ़ रहा है। पशु पालन विभाग ने कई दिन पहले कुछ गोशालाओं में फॉगिंग करवाई थी, लेकिन इसके बावजूद भी बड़े स्तर पर फॉगिंग से वंचित हैं। पशुओं में इस बीमारी को फैलने से रोकने के लिए ठीक पशुओं को बीमारी से ग्रस्त पशुओं को दूर रखने की हिदायत दी गई है, लेकिन गोशालाओं में यह मुनकिन नहीं है। गोशालाओं में पशुओं की संख्या ज्यादा होने के कारण इस बीमारी के बढ़ने का बड़े स्तर पर डर बना हुआ है।
पांच पशुओं की हो चुकी है मौत
जिले में अब लंपी वायरस के कारण्आ पांच पशुओं की मौत हो चुकी है। अकेले गांव जलालपुर कलां में तीन पशुओं की मौत है। इनमें मंगलवार सुबह विनोद की एक बछिया की मौत हुई है। इससे पहले बलजीत व राजबीर की गायों की भी मौत हो चुकी है। गांव कैरखेड़ी तथा ढाणी में पशुपालकों की गायों की मौत हो चुकी है लेकिन पशुपालन विभाग पशुओं की मौत से इंकार कर रहा है।
लंपी वायरस से पशुओं को बचाने के लिए वैक्सीन मंगवाई गई है। शीघ्र ही जिले में वैक्सीन आने की उम्मीद है। फिलहाल पशु पालकों को लंपी वायरस से पशुओं को बचाने के लिए सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। गोशालाओं में फॉगिंग करवाई गई है। जिले में फिलहाल किसी पशु की मौत की जानकारी नहीं है।
-डॉ. राजसिंह बैनीवाल, एसडीओ पशुपालन विभाग जींद।
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