जींद। जाट धर्मार्थ सभा का प्रधान चुनने के लिए रविवार को बैठक हुई। इससे पहले भी दो बैठक हो चुकी थी। इस बैठक में सर्वसम्मति से प्रधान चुनने की बात पर हंगामा हो गया। कार्यकारिणी और दूसरे गुट में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा।
रिटर्निंग अधिकारी आरओ शीशपाल लोहान ने विवाद के दौरान कोरम पूरा नहीं होने व बाहरी लोगों के शामिल होने की बात कहकर बैठक स्थगित कर दी। इस पर हंगामा और बढ़ गया। इसके बाद आरओ वहां पर मौजूद कार्यकारिणी को लेकर चले गए। कार्यकारिणी के लोगों के जाने के बाद वहां पर मौजूद लोगों ने गांव लोहचब निवासी ईश्वर रेढू को प्रधान घोषित कर दिया।
ईश्वर रेढू ने कहा कि कुछ लोग संस्था पर कब्जा किए हुए हैं। जहां पर ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को प्रतिनिधित्व देने की बजाय केवल अर्बन एस्टेट के आसपास रहने वाले लोगों को ही प्रधान बना देते हैं। इसके चलते संस्था समाजहित का कार्य नहीं कर पाती है। संस्था ने कोचिंग सेंटर खोलने के लिए चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के पास जमीन खरीदी हुई है, लेकिन वहां पर संस्था की तरफ से अब तक निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया है। सभा के सदस्यों ने उनको मौका दिया है तो वह उसको पूरा करने का काम करेंगे।
ईश्वर रेढू ने आरोप लगाया कि संस्था के चुनाव के लिए जो आरओ बनाया है, वह नियमों के खिलाफ है, क्योंकि आरओ बनाए गए शीशपाल लोहान फिलहाल संस्था की कार्यकारिणी में शामिल हैं। नियमानुसार कार्यकारिणी के सदस्य को चुनाव अधिकारी नहीं बनाया जा सकता।
बाहरी लोगों को लाकर संस्था पर कब्जा करने का प्रयास
वर्तमान प्रधान देवव्रत ढांडा व महासचिव सुरेंद्र खटकड़ ने कहा कि लगभग 24 साल से संस्था में सर्वसम्मति बनती आ रही है, लेकिन अब कुछ लोग संस्था पर कब्जा करना चाहते हैं। रविवार को भी बैठक में सर्वसम्मति से प्रधान बनाने के लिए बैठक बुलाई थी। जहां पर संस्था के सदस्यों को हाजिरी लगाकर बैठक में प्रवेश करने का प्रावधान किया गया था, लेकिन कुछ लोग संस्था पर कब्जा करने के लिए गैर सदस्यों को ले आए। जिनकी मंशा वहां पर माहौल खराब करने की थी। संस्था में 2971 आजीवन सदस्य हैं, लेकिन तीसरी बैठक में दस प्रतिशत सदस्यों के पहुंचने का नियम हैं। बैठक में 295 के करीब सदस्य पहुंचने थे, लेकिन 226 सदस्यों ने रजिस्टर में हाजिरी दर्ज की और कोरम पूरा नहीं हुआ। इसके चलते आरओ शीशपाल लोहान ने बैठक को स्थगित कर दिया। इसके बाद ईश्वर रेढू ने अपने आप ही प्रधान बनने का दावा किया है, लेकिन संस्था की तरफ से कोई भी प्रधान नहीं बनाया गया हैं। सर्वसम्मति नहीं बनने की जानकारी सोमवार को डीआईसी कार्यालय में दे दी जाएगी। इसके बाद कानूनी रूप से चुनाव करवाया जाएगा।
कोरोम पूरा नहीं होने पर बैठक हुई स्थगित
आरओ शीशपाल लोहान ने कहा कि सभा की पहली बैठक तीन दिसंबर व दूसरी जनवरी व अब तीसरी बैठक रविवार को थी। सोसायटी एक्ट के तहत पहले बैठक में कोरोम पूरा होने के लिए 70 प्रतिशत सदस्य व दूसरी बैठक में 40 प्रतिशत व तीसरी बैठक में दस प्रतिशत सदस्य उपस्थित होना अनिवार्य हैं, इसलिए तीसरी बैठक में लगभग 295 सदस्य उपस्थित होना जरूरी था, लेकिन चुनाव रजिस्टर में 226 सदस्यों ने ही उपस्थिति दर्ज करवाई है, इसलिए कोरम पूरा नहीं हो सका। इसके अलावा कुछ लोगों ने चुनाव बैठक के दौरान हंगामा कर दिया था। कोई गलत काम न हो, इसलिए बैठक को स्थगित कर दिया। सोमवार को वह डीआईसी कार्यालय में इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत कर देंगे। इसके बाद कानूनी रूप से चुनाव होगा।
04जेएनडी23: पत्रकार वार्ता करते नव नियुक्त प्रधान व समर्थक। संवाद।
04जेएनडी23: पत्रकार वार्ता करते नव नियुक्त प्रधान व समर्थक। संवाद।