नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी व चेयरपर्सन प्रतिनिधि आपस में बहस करते हुए।
जींद। नगर परिषद में वीरवार दोपहर बाद अचानक हंगामा हो गया। कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार और चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी के बीच आपसी विवाद इतना बढ़ गया कि यह भाजपा नेताओं के साथ-साथ अधिकारियों तक पहुंच गया। दोनों की तरफ से एक-दूसरे पर आरोप लगाए जा रहे हैं। देर रात तक नगरायुक्त के निवास स्थान पर नगर परिषद पार्षद, स्टाफ, ईओ व चेयरपर्सन के बीच वाद-विवाद चलता रहा। दोनों पक्ष एक-दूसरे की पुलिस को शिकायत देने पर तुले रहे। कुछ पार्षदों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा करवाए जाने वाले विकास कार्य राजनीति के भेंट चढ़ रहे हैं। इसमें कुछ भाजपा नेता ही विकास कार्य नहीं करने दे रहे और विकास कार्य करवाने पर श्रेय लेने की होड़ लगी हुई है।
वीरवार दोपहर को किसी बात को लेकर नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार व चेयरपर्सन डॉ. अनुराधा सैनी की आपसी कहासुनी हो गई। मामला बढ़ता-बढ़ता अन्य पार्षदों के बीच भी पहुंच गया। दोनों ही पक्षों ने एक-दूसरे पर विकास कार्यों में रोड़ा अटकाने के आरोप लगाए हैं। इसके बाद कार्यकारी अधिकारी सुशील कुमार नगर परिषद कर्मचारियों के साथ शहर थाना में पहुंचे। यहां से वह नगरायुक्त सुरेंद्र के निवास स्थान पहुंचे। वहीं नगर परिषद सदस्य चेयरपर्सन के साथ भाजपा के जिला प्रधान के पास पहुंचे। दोनों पक्ष बाद में नगरायुक्त के निवास स्थान पर पहुंचे और यहां रात नौ बजे तक भी हंगामा होता रहा। फिलहाल इस मामले का कोई समाधान नहीं निकला है। दोनों ही पक्ष पुलिस को शिकायत देने पर तुले हुए हैं।
भाजपा में ही हो गया विवाद
नगर परिषद सदस्यों ने आरोप लगाए हैं कि नगर परिषद को राजनीति का अखाड़ा बनाया जा रहा है। चेयरपर्सन को काम करने नहीं दिया जा रहा है। कुछ राजनेता नगर परिषद में बिना कार्य के हस्तक्षेप कर रहे हैं। इससे विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वार्ड नंबर 11 से पार्षद हरीश अरोड़ा ने कहा कि अगस्त महीने में नगर परिषद की पहली बैठक हुई थी। कार्यकारी अधिकारी ने आज तक उन कार्यों के एस्टीमेट तक नहीं बनवाए हैं, जबकि एक अन्य राजनेता समर्थित पार्षदों के काम किए जा रहे हैं।
वर्जन:::::::::::::
मेरे को चेयरपर्सन पति व वाइस चेयरपर्सन पति ने प्रताड़ित किया है। कर्मचारियों के साथ गाली-गलोच की गई है। जिला नगरायुक्त के सामने भी उनका व्यवहार ठीक नहीं था। कर्मचारियों के साथ जाकर पुलिस को शिकायत दी जाएगी। सरकार की धोंस देकर मुझे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
-सुशील कुमार, कार्यकारी अधिकारी।
वर्जन:::::::::::::
किसी कार्य के लिए ईओ सुशील कुमार को बुलाया गया था। उनके पास वाइस चेयरपर्सन व कुछ अन्य पार्षद भी बैठे थे। उनका रवैया ठीक नहीं रहा। वह बहस-बाजी करने लगे। इसके बाद नगरायुक्त के सामने भी उन्होंने ठीक व्यवहार नहीं किया।
-डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन नगर परिषद।
वर्जन::::::::::::: दोनों पक्ष को बुलाया था। दोनों ने अपने-अपने पक्ष रखे हैं। अभी तक लिखित में शिकायत नहीं आई है। शिकायत आई तो जांच करवाई जाएगी।
-सुरेंद्र बैनिवाल, नगरायुक्त।