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Jind News: बैंक खाता आधार से लिंक न होने पर 15 प्रतिशत विद्यार्थियों का अटका वर्दी भत्ता

Fri, 05 Apr 2024 12:53 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, जींद
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04जेएनडी17: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का फोटो। संवाद।
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जींद। सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त करने वाले पहली से आठवीं तक के विद्यार्थियों को हर साल वर्दी भत्ता दिया जाता है। दो साल से यह भत्ता सीधे विद्यार्थियों के बैंक खाते में डाला जाता है। इससे पहले जिलास्तर पर इन विद्यार्थियों को भत्ता उपलब्ध करवाया जाता था, लेकिन इस बार 15 प्रतिशत बच्चे वर्दी से वंचित हैं। इसकी वजह उनके बैंक खाते आधार से लिंक न होना है। ऐसे में अभिभावक अपनी जेब से पैसा लगाकर वर्दी खरीदकर बच्चों को स्कूल भेज रहे हैं।
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जिले के सरकारी स्कूलों में पहली से आठवीं कक्षा तक के 72765 बच्चे पिछले साल शिक्षा ग्रहण कर रहे थे। इनमें से लगभग साढ़े दस हजार से ज्यादा बच्चों के बैंक खाते आधार लिंक न होने और खाता न होने के कारण उनके खातों में वर्दी का भत्ता न हीं आ सका। इसके चलते अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि विभाग की तरफ से बार-बार पत्र जारी कर बैंक खातों को आधार लिंक व खाते खुलवाने बारे निर्देश भी दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई अभिभावकों की तरफ से नहीं की गई।

सीधे खातों में डाली जाती है राशि

शिक्षा विभाग वर्दी भत्ता सहित अन्य राशि अब स्कूली बच्चों के अभिभावकों के खातों में डालता है। स्कूल बच्चे का बैंक में खाता माता-पिता के साथ संयुक्त रूप से खुलवाता है। उसी खाते में पिछले दो साल से विभाग वर्दी भत्ता डाल रहा है। जिन बच्चों के बैंक खाते, आधार नंबर व अन्य जानकारी सत्यापित हो जाती है उनके खाते में वर्दी के लिए राशि डाल दी गई है, बाकी अभी पेंडिंग हैं।
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बाल वाटिका से 8वीं तक के विद्यार्थियों की संख्या

कक्षा

विद्यार्थियों की संख्या

बाल वाटिका
2928

कक्षा 1

4437

कक्षा 2

7347

कक्षा 3

8857

कक्षा 4

9408

कक्षा 5

9422

कक्षा 6

9606

कक्षा 7

10303

कक्षा 8

10303


जिलास्तर पर भत्ते से नहीं कोई संबंध

विद्यार्थियों की वर्दी का भत्ता मुख्यालय सीधे विद्यार्थियों के खाते में डालता है। जिन विद्यार्थियों के बैंक खाते आधार से लिंक हैं, उनका वर्दी भत्ता मार्च में ही मुख्यालय ने डाल दिया है। इसकी जिलास्तर पर अब सूचना विभाग ही जारी करता है। प्राइमरी के लिए लगभग 500 व मिडिल के लिए 600 रुपये जारी किए जाते हैं। -सुभाष वर्मा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, जींद।

04जेएनडी17: जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय का फोटो। संवाद।

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