जींद। नगर परिषद ने बेसहारा गोवंशों को पकड़कर गोशाला में छोड़ने का अभियान फिर से शुरू कर दिया है। अब तक 150 गोवंशों को पकड़कर गोशाला में छोड़ा जा चुका है। शहर में दो हजार से ज्यादा बेसहारा गोवंश सड़कों पर घूम रहे हैं।
चार महीने पहले नंदीशाला और गोशालाओं ने चारे और अन्य व्यवस्था की कमी का हवाला देकर बेसहारा गोवंश लेने से इन्कार कर दिया था। इसके चलते गोवंश को पकड़ने का अभियान रुक गया था। नगर परिषद अधिकारी ने संपर्क साध कर बेसहारा गोवंश लेने के लिए गोशाला संचालकों को मनाने का प्रयास कर रहे हैं। कुछ गोशाला संचालक गाय लेने के लिए तैयार हैं, लेकिन सांड़ नहीं लेंगे। बेसहारा गोवंश में इनकी संख्या ज्यादा है। उग्र होने पर लोगों को यही नुकसान पहुंचाते हैं।
सरकार की तरफ से पहले गोशालाओं को प्रति गोवंश 150 रुपये सालाना दिए जाते थे, जो बाद में 300 रुपये कर दिए गए थे, लेकिन इस राशि से एक पशु के लिए दस दिन के चारे की भी व्यवस्था नहीं हो सकती। गो सेवा आयोग का दावा है कि 300 रुपये बछड़े, 600 रुपये गाय और 800 रुपये नंदी को रखने वाली गोशालाओं को दिए जाएंगे। पिछले माह से चारे के लिए गोशालाओं में 10 रुपये बछड़े, 20 रुपये गाय और 40 रुपये नंदी के लिए प्रतिदिन के हिसाब से दिए जाएंगे।
नगर परिषद ने पिछले साल बेसहारा गोवंश पकड़ने के लिए एक एजेंसी को टेंडर दिया था। उसने करीब 700 बेसहारा गोवंशों को पकड़कर नंदीशाला और गोशाला में भिजवाया था, लेकिन यह अभियान गोशालाओं के गोवंश लेने से इंकार करने की वजह से बंद हो गया था।
रात में झुंड बनाकर सड़क पर बैठ जाते हैं गोवंश
शहर में बेसहारा गोवंशों की संख्या बढ़ रही है। रात को गोवंश सड़कों पर झुंड बनाकर बैठ जाते हैं। बरसात का मौसम होने के कारण मच्छर से बचने के लिए ये कॉलोनियों से निकलकर मुख्य मार्गों पर आ जाते हैं। इसकी वजह से हादसा होने का डर रहता है। खरकरामजी निवासी किसान चांदल सिंह की 27 अगस्त को बाइक के आगे सांड़ के आने की वजह से हुए हादसे में मौत हो गई थी। शहर में गोहाना, सफीदों, नरवाना, कैथल और रोहतक रोड से रात को निकलना खतरे से खाली नहीं है। अंधेरे में गोवंश सड़क पर दिखाई नहीं देते हैं और वाहन की सीधी टक्कर हो जाती है।
चारे में सहयोग करे नगर परिषद
कुछ माह पहले भी नगर परिषद ने 400 से ज्यादा गाय और सांड़ नंदीशाला में छोड़े थे। नंदीशाला को बेसहारा गोवंश लेने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन नगर परिषद की तरफ से सहयोग नहीं मिलता है। नगर परिषद चारे की व्यवस्था में सहयोग करे। बरसात के सीजन के बाद नंदीशाला 400 से 500 सांड़ और गाय ले सकती है, लेकिन उसके लिए नगर परिषद को चारे की व्यवस्था में सहयोग करना होगा। -स्वामी राघवानंद, प्रधान, नंदीशाला प्रबंधन कमेटी।
ढाणी वाली गोशाला ने 200 गोवंश लेने के लिए कहा है। नंदीशाला और अन्य गोशालाओं के साथ बातचीत चल रही है, ताकि सभी बेसहारा गोवंश को उनमें भेजा जा सके। सांड़ को नंदीशाला में भिजवाया जाएगा। -डॉ. अनुराधा सैनी, चेयरपर्सन, नगर परिषद, जींद।
15जेएनडी01-शहर के पटियाला चौक पर गोवंश को पकड़े ठेकेदार के कर्मचारी। संवाद