जींद। पुलिस की वर्दी पहनकर तथा नीली-लाल बत्ती लगाकर लोगों से लूटपाट करने के सात आरोपियों में से अब पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया। इन दोनों से कई अन्य वारदातों का खुलासा हो सकता है, बाकी पांच आरोपियों को अदालत ने जेल भेज दिया है।
दो नवंबर को रात को सीआईए नरवाना पुलिस ने सेंथली रोड पर लूटपाट के आरोप में फतेहाबाद जिले के गांव कासमपुर निवासी रामसिंह, जमालपुर शेखा निवासी वीरेंद्र उर्फ बलविंद्र, हिसार जिले के गांव हसनगढ़ निवासी अजय, बोबुआ गांव निवासी अशोक कुमार, कैथल जिले के गांव आगोंद निवासी प्रवीण उर्फ डिंपल तथा जींद के सच्चा खेड़ा निवासी सत्यवान व अशोक को काबू किया था। आरोपी लोगों से लूटपाट कर रहे थे। सभी को पुलिस ने वीरवार को आरोपियों को अदालत में पेश किया था। अदालत ने सभी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा था। इसमें पठानकोट में लूटपाट के एक मामले का खुलासा हुआ था। इस रिमांड के दौरान यह भी पता चला कि इस पूरे मामले में जींद के सच्चा खेड़ा निवासी अशोक व सत्यवान मास्टरमाइंड हैं। शनिवार को फिर से इनको अदालत में पेश किया गया। अदालत ने सत्यवान व अशोक को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के निर्देश दिए। अब पुलिस इन दोनों से सख्ती से पूछताछ कर रही है।
जांच अधिकारी सुनील बेरवाल ने कहा कि इन आरोपियों से कुछ वारदातों का खुलासा हो सकता है। इसके बारे में काफी ठोस सुराग मिले हैं।