जींद। प्रदेश सरकार ने 27 सितंबर से अनाज मंडियों में धान की खरीद शुरू करने के निर्देश दिए थे, लेकिन पहले दिन नहीं खरीदा गया। इसकी वजह जिला प्रशासन का अभी तक मिलरों का पंजीकरण नहीं करना है। धान में अभी नमी की मात्रा अधिक होने से खरीद एजेंसियां नहीं पहुंची हैं। पहले दिन जींद की अनाज मंडी में 190 क्विंटल धान पहुंचा था। वहीं दूसरी तरफ प्रशासन ने किसानों को निर्देश दिया है कि वह गेट पास घर से ही लेकर आएं। इस बार मंडी के गेट पर नहीं मिलेगा। किसान गेट पास सीएचसी, किसी दुकान या अपने मोबाइल में डाउनलोड कर कहीं से निकलवा कर ला सकते हैं।
धान खरीद के लिए लगभग एक सप्ताह पहले ही तैयारी के निर्देश दिए गए थे। मंडियों में सफाई का काम तो लगभग पूरा करवा दिया गया था, लेकिन कांटों की कंप्लीकेशन व टूटी सड़कों के सुधार के लिए अभी कोई काम नहीं हो पाया था। शहर की अनाज मंडी की टूटी सड़कों के कारण किसानों को धान लेकर आने में परेशानी होगी। इसके अलावा आचार संहिता के कारण प्रशासन नए टेंडर नहीं करवा सकता है। पहले एक अक्तूबर से मंडियों में धान खरीद शुरू करवाने के निर्देश थे, लेकिन अब इसको शुक्रवार से ही करने के निर्देश मिलने पर आधी अधूरी तैयारियों में मंडी प्रशासन व किसान दोनों को परेशानी होगी। शहर की अनाज मंडी में पहले दिन एक ही किसान धान लेकर पहुंचा। जिसका वजन लगभग 190 क्विंटल था। मंडी प्रशासन ने धान की खरीद के लिए नमी की जांच की तो 22 प्रतिशत मिली। इसको खरीदने के लिए कोई एजेंसी नहीं पहुंची। शहर की अनाज मंडी में हैफेड, फूड सप्लाई, हरियाणा वेयर हाउस कॉरपोरेशन खरीद करेगी।
गत वर्ष 31 मिलरों से हुआ था समझौता
अभी तक धान खरीद के लिए किसी भी मिलर ने पंजीकरण नहीं करवाया है। इसके लिए मिलरों से आवेदन मांगे गए हैं, ताकि वह पंजीकरण करवा कर धान खरीद का कार्य शुरू कर सकें। बीते वर्ष जिले से धान खरीदने के लिए 31 मिलरों के साथ सहमति बनी थी। अब आगामी एक से दो दिन में मिलरों का पंजीकरण कर धान खरीद करवाई जाएगी।
किसान सुखाकर लाएं धान, मंडी में नहीं होने दी जाएगी परेशानी
किसान धान को सूखने के बाद ही कटवाएं। धान में नमी की मात्रा निर्धारित से ज्यादा होने पर खरीद नहीं होगी। अभी तक मंडी में जो धान आया है उसमें नमी की मात्रा 22 प्रतिशत मिली है। धान में नमी की मात्रा 17 प्रतिशत होने पर ही खरीद की जाएगी, इसलिए किसान मंडी में धान को अच्छे से सुखाकर लाएं। जिन किसानों ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पर धान का पंजीकरण करवाया है उनका ही सरकारी समर्थन मूल्य पर खरीदा जाएगा। -संजीव कुमार, मार्केट कमेटी सचिव, जींद।
27जेएनडी19: शहर की नई अनाजमंडी में ज्यादा नमी के कारण सुखाई गई धान। संवाद
27जेएनडी19: शहर की नई अनाजमंडी में ज्यादा नमी के कारण सुखाई गई धान। संवाद