यातायात थाने में डीएसपी से बात करते भाकियू के सदस्य।
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जींद। ऊंची आवाज में स्पीकर बजाने पर तीन ट्रैक्टरों को जब्त करने के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के सदस्यों ने मंगलवार को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफल कंडेला के नेतृत्व में ट्रैफिक थाने में तीन घंटे धरना देकर नारेबाजी की। किसानों ने ट्रैक्टर मालिकों के खिलाफ चालान के तौर पर लगाए गए जुर्माने को भरने से मना कर दिया। धरने की सूचना पर डीएसपी रोहताश ढुल यातायात थाने में पहुंचे और किसानों को समझा बुझाकर शांत किया। बाद में चालान भरने के बाद दो ट्रैक्टरों को छोड़ दिया गया जबकि दस्तावेज नहीं होने के कारण एक अब भी जब्त है।
डीएसपी रोहताश ढुल ने ट्रैक्टरों पर लगे कान फोड़ म्यूजिक सिस्टमों से ध्वनि प्रदूषण और पशु व मानव शरीर पर होने वाले नुकसान के बारे में किसानों को जानकारी दी। किसानों ने भी माना कि कान फोड़ म्यूजिक सिस्टम लगाना गलत है। भाकियू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामफ ल कंडेला ने कहा कि म्यूजिक सिस्टमों के नाम पर ट्रैक्टरों को जब्त करना और 20 से 22 हजार रुपये के चालान करना सरासर गलत है। खेतों की जुताई के दौरान किसान म्यूजिक सिस्टम से अपना टाइम पास करता है। म्यूजिक सिस्टम के नाम पर ट्रैक्टरों के भारी भरकम चालान करने तथा जब्त करने को भाकियू बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी सूरत में जब्त (इंपाउंड) किए गए ट्रैक्टरों का चालान नहीं भरेगा।
यातायात थाना प्रभारी ने किसानों को चालान भरने के बाद ही ट्रैक्टर छोड़ने की बात कही। किसानों ने दो टूक कहा कि अगर पुलिस ने ट्रैक्टरों को नहीं छोड़ा तो 17 नवंबर को शहर में स्पीकर लगे ट्रैक्टरों के साथ परेड निकाली जाएगी। किसानों ने कहा कि वह किसी भी सूरत में भारी भरकम चालान को नहीं भरेंगे। बाद में किसान पुलिसकर्मियों की बात मानकर चालान भरने पर सहमत हुए।
यातायात थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि पुलिस ने दो ट्रैक्टरों के दस्तावेजों की जांच कर एक पर 12700 और दूसरे पर 12500 रुपये का चालान भरवाकर छोड़ दिया। तीसरा ट्रैक्टर मालिक मौके पर दस्तावेज पेश नहीं कर सका। इसके कारण एक ट्रैक्टर फिलहाल थाने में ही जब्त है।