उचाना कलां से कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार हिसार के पूर्व सांसद बृजेंद सिंह। स्रोत : सोशल मीडिय
जींद। उचाना कलां विधानसभा सीट एक बार फिर से हॉट सीट बन गई है। यहां से कांग्रेस ने पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह को मैदान में उतार दिया है। जजपा की तरफ से पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने अपना नामांकन पत्र दाखिल कर दिया है। 2019 में इस विधानसभा सीट से दुष्यंत चौटाला ने बृजेंद्र सिंह माता प्रेमलता को लगभग 40 हजार वोटों से हराया था। वहीं 2014 में दुष्यंत चौटाला प्रेमलता से हार गए थे।
मार्च महीने में लोकसभा चुनावों से पहले ही बृजेंद्र सिंह ने भाजपा को छोड़कर कांग्रेस का दामन थाम लिया था। इसके बाद चौधरी बीरेंद्र सिंह भी कांग्रेस में शामिल हो गए थे। बृजेंद्र सिंह हिसार लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट के प्रबल दावेदार था, लेकिन कांग्रेस ने यहां से जयप्रकाश को मैदान में उतार दिया था और जयप्रकाश यहां से सांसद चुने गए हैं। अब विधानसभा में बृजेंद्र सिंह उचाना कलां सीट से अपना टिकट पक्का मानकर चल रहे थे। बीरेंद्र सिंह ने तो पहले ही बोल दिया था कि उचाना कलां से बृजेंद्र ही चुनाव लड़ेंगे। रविवार देर रात को कांग्रेस ने बृजेंद्र सिंह को इस मैदान में उतार ही दिया है। अब उनका मुकाबला पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से होगा। दोनों परिवारों के बीच काफी समय से राजनीतिक मुकाबले चल रहे हैं। दानों ही परिवार एक-दूसरे पर हमेशा आरोप-प्रत्यारोप लगाते रहे हैं।
हमेशा चौधरी की लड़ाई रही उचाना कलां में
बीरेंद्र सिंह खुद पांच बार उचाना कलां से विधायक रह चुके हैं। वे यहां से विधायक बनकर प्रदेश सरकार में वित्तमंत्री भी बने। दुष्यंत चौटाला यहां से चुनाव जीतकर उपमुख्यमंत्री बने। हमेशा दोनों ही परिवार ने उचाना कलां में चौधर लाने का नारा दिया है। इस बार उचाना कलां में यही नारा दिया जा रहा है। दानों ही आपस में एक-दूसरे पर शब्दों के तीर छोड़ते रहते हैं। अब देखना होगा कि इस बार कौन सा परिवार मैदान मार जाता है। वहीं भाजपा ने भी यहां से देवेंद्र अत्री को चुनावी मैदान में उतारा हुआ है। देवेंद्र अत्री भी यहां मुकाबले में हैं। ऐसे में कौन सा उम्मीदवार जनता का विश्वास जीतने में कामयाब होता है, यह तो आने वाला वक्त ही बताए।