जींद। असमर्थ महिला कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक पंडित रामनिवास अहिरका ने नरवाना रोड पर संस्था के कार्यालय में गायत्री यज्ञ के बाद अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि मानव जीवन में दान और भजन जरूरी है। दान में श्रद्धा और प्रसन्नता का होना भी बहुत जरूरी है। मानव जीवन में परमात्मा के भजन के अभाव में जीव को उसका अगला जन्म पशु-पक्षियों की श्रेणी में मिल सकता है। यज्ञ, तप, दान और भजन का फल श्रद्धा और विधि-विधान से करने पर अधिक मिलता है। यदि गर्मियों में वस्त्र का दान करना ही हो तो सूती और पतले वस्त्र का दान करो। संवाद