28जेएनडी13 : जुलाना के मैन बाजार में एक दुकान में बैठ कर चुनावी चर्चा करते लोग। संवाद
जुलाना। प्रदेश की सबसे चर्चित सीट जुलाना में समस्याओं की भरमार है। हलके के हर गांव में पेयजल किल्लत है। खेत में पानी भरने की समस्या है। कस्बे में सीवर व्यवस्था, तो गांव की टूटी सड़कें भी चुनावी मुद्दा बनी हुई हैं।
सड़कों की हालत यह है कि रोजाना खराब सड़कों के कारण हादसे हो रहे हैं, लेकिन कोई भी समाधान नहीं हो पा रहा है। कस्बे में हालत यह हैं कि सीवर व्यवस्था ठप होने के कारण सड़क पर गंदा पानी फैल रहा है। लोगों का जीना दूभर हो गया है। विधानसभा का चुनाव का दौर चला हुआ है, लेकिन खराब सड़कों की ओर किसी का ध्यान नहीं है। हालांकि सत्ताधारी पार्टी के लोग एनएच 152 डी और एनएच 352 के निर्माण के उदाहरण तो देते हुए नजर आएंगे, लेकिन कस्बे की सड़कों की हालत के बारे में कोई बात नहीं कर रहा है। इसके अलावा अन्य पार्टियों के नेता भी कस्बे की सड़कों को लेकर मौन साधे हुए हैं।
जुलाना निवासी सुभाष, विकास, मेहर सिंह, सोनू ने बताया कि जुलाना में समस्याओं की भरमार है। पूरे हलके में वर्षों से पेयजल किल्लत है। कस्बे में सीवर व्यवस्था ठप है। पार्टियों के उम्मीदवार अन्य समीकरणों ने मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन मूलभूत सुविधाओं का कोई जिक्र नहीं कर रहा है।
28जेएनडी13 : जुलाना के मैन बाजार में एक दुकान में बैठ कर चुनावी चर्चा करते लोग। संवाद