जींद। दिल्ली-बठिंडा रेलमार्ग पर भिवानी रोड फाटक के पास 5 अप्रैल को ट्रेन की चपेट में आने से मरने वाले युवक की पहचान हो गई है। वह बिहार के जिला मधेपुरा के कोले चौक का रहने वाला 27 वर्षीय मोहम्मद नसीम था। मृतक काम की तलाश में एक सप्ताह पहले जींद अपने साले के पास आया हुआ था। जीआरपी ने नागरिक अस्पताल से शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया है।
राजकीय रेलवे पुलिस को 5 अप्रैल की शाम को सूचना मिली थी कि भिवानी रोड फाटक के पास एक युवक ट्रेन की चपेट में आ गया है। इससे उसकी मौत हो गई है। सूचना पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया था। युवक के पास से ऐसा कुछ नहीं मिला था कि जिससे उसकी पहचान हो सके। वह काली और सफेद रंग की शर्ट और नीले रंग का पायजामा पहने हुए था। मोहम्मद रमजान ने बताया कि उसके जीजा मोहम्मद नसीम सप्ताहभर पहले बिहार से काम की तलाश में उनके पास आए थे। वह खेमनगर में किराये के मकान में रहते थे। पांच अप्रैल की शाम को वह वार्ड-7 स्थित बिस्कुट की फैक्टरी में काम का पता लगाने गए थे। उसके बाद रेल लाइन के साथ अपने कमरे पर जा रहे थे तो ट्रेन की चपेट में आ गए। वह दो बेटियों के पिता थे।
मरने वाले की शिनाख्त बिहार के जिला मधेपुरा शहर के कोले चौक निवासी 27 वर्षीय मोहम्मद नसीम के तौर पर हुई है। पुलिस ने नागरिक अस्पताल से शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। -कपिल, जांच अधिकारी, जीआरपी जींद।