संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। एक माह से काम छोड़कर धरने पर बैठे लिपिकों के कारण दिव्यांगों के बनने वाले मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने का कार्य भी अटक गया है। इससे 100 से ज्यादा दिव्यांगों के मेडिकल प्रमाण पत्र नहीं बन पाए हैं। ऐसे में दिव्यांग बार-बार नागरिक अस्पताल के सिविल सर्जन कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन उनके मेडिकल नहीं बन पा रहे हैं। इससे दिव्यांगों को मिलने वाली सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं।
ऐसे में दिव्यांग अपनी समस्या का समाधान कहां करवाएं। नागरिक अस्पताल कर्मचारी भी लिपिकों की हड़ताल का बहाना बनाकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। मेडिकल प्रमाण पत्र बनाने के लिए ऑफलाइन कार्य चल रहा है, जबकि ऑनलाइन कार्य बिना लिपिकों के अटका पड़ा है, जिससे मेडिकल तैयार नहीं हो पाए हैं।
आजकल हर सरकारी सुविधा लेने के लिए दिव्यांग को अपना यूडीआईडी कार्ड देना पड़ता है, लेकिन ऑनलाइन कार्य नहीं होने के कारण यूडीआईडी कार्ड नहीं बन रहे हैं। जब से हड़ताल शुरू हुई है, तब से लगभग 500 दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड नहीं बन पा रहे हैं।
दिव्यांगों के मेडिकल फिटनेस को लेकर स्वास्थ्य विभाग हर बुधवार सेक्टर-8 स्थित पॉली क्लीनिक में जांच शिविर लगवाता है, जिसमें जिलेभर के दिव्यांग अपनी-अपनी मेडिकल फिटनेस करवाने को लेकर शिविर में पहुंचते हैं। इस शिविर में सभी दिव्यांगों की मेडिकल संबंधी जांच की जाती है और उसके बाद दिव्यांगों के मेडिकल फिटनेस का प्रमाण पत्र जारी करने के लिए कागजात सिविल सर्जन कार्यालय भेजे जाते हैं, वहां पर कंप्यूटर पर क्लर्क कागजात ऑनलाइन अपलोड करते हैं, लेकिन क्लर्कों के एक माह से कुर्सी छोड़ हड़ताल पर चले जाने से यह कार्य अधूरा रह गया है। अब जब तक क्लर्क अपनी डयूटी पर नहीं लौटते, तब तक मेडिकल नहीं बन पाएंगे। यूडीआईडी कार्ड बनाने का कार्य क्लर्क का है, लेकिन हड़ताल के चलते दिव्यांगों को यूडीआईडी कार्ड नहीं बन रहे हैं। इससे उनको सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।
बुधवार को 53 दिव्यांगों की हुई मेडिकल फिटनेस जांच
बुधवार को सेक्टर-8 स्थित पॉली क्लीनिक में दिव्यांगों के लिए मेडिकल फिटनेस शिविर लगाया गया था। इसमें डॉ. संदीप लोहान ने शिविर में आए हुए दिव्यांगों की मेडिकल फिटनेस की जांच की, वहीं स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने दिव्यांगों के कागजात चेक किए गए। यह शिविर सुबह 10 से शाम 3 बजे तक लगाया जाना था, लेकिन दोपहर एक बजे से पहले ही समाप्त कर दिया। हालांकि एक बजे के बाद भी दिव्यांग शिविर में आ रहे थे, लेकिन शिविर खत्म होने के कारण वह लौट रहे थे।
पॉली क्लीनिक में नहीं मिली दिव्यांगों के लिए सुविधा
बुधवार को पॉली क्लीनिक में लगाए गए मेडिकल फिटनेस जांच शिविर में दिव्यांगों के लिए कुछ भी सुविधा नहीं थी। कुछ दिव्यांग पीने का पानी अपने साथ लाए हुए थे, जबकि कुछ दिव्यांग वैसे ही आए हुए थे। ऐसे में वह पेयजल के लिए दर-दर भटक रहे थे। वहीं दिव्यांगों को लघुशंका जाने के लिए टॉयलेट काफी दूर थे। बुधवार को लगे शिविर में लगभग 53 दिव्यांग पहुंचे थे। शिविर में कागजात चेक करवाने के लिए दिव्यांगों को काफी इंतजार करना पड़ा। उसके बाद चिकित्सक के पास मेडिकल फिटनेस के लिए दिव्यांगों ने इंतजार किया।
क्लर्कों की हड़ताल के चलते नागरिक अस्पताल के अधिकतर कार्य अटके हुए हैं। उनमें दिव्यांगों के बनने वाले मेडिकल भी शामिल हैं। हालांकि अन्य कर्मचारियों से क्लर्क का कार्य करवाया जा रहा है। जल्द ही सभी दिव्यांगों के मेडिकल ऑनलाइन करके यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाएंगे।
-डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद।