अपने पति की मौत के बाद पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं करने से परेशान कृष्णा कॉलोनी निवासी एक महिला ने दोपहर बाद एसपी के सामने ही गले में चुन्नी डालकर आत्महत्या का प्रयास किया। हालांकि तुरंत महिला को मौके पर ही मौजूद पुलिस कर्मचारियों ने पकड़ लिया और उसे महिला थाना भेज दिया गया। यहां पर बाद में पुलिस ने महिला को छोड़ दिया। महिला का आरोप था कि तीन सितंबर को उसके पति को कुछ लोग बुलाकर ले गए थे जिसकी बाद में सात सितंबर को मौत हो गई। इस मामले में शिकायत के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
कृष्णा कॉलोनी निवासी सरोज व काफी लोग एसपी से मिलने के लिए मंगलवार को एसपी कार्यालय पहुंचे थे। यहां सरोज ने बताया कि तीन सितंबर शाम को उसके पति नरेंद्र के पास किसी का फोन आया और उसका पति घर से छह लाख रुपये नकद लेकर चला गया। जाते समय नरेंद्र ने बताया था कि वह संदीप के पास जा रहा है। फिर नरेंद्र रात को आठ बजे घर आया और फिर दोबारा संदीप के पास जाने की बात कहकर घर से निकल गया। उसका पति ओम नगर निवासी संदीप के साथ कुछ प्लाटों व कंपनियों में हिस्सेदारी है। रात को साढ़े 10 बजे संदीप का फोन आया कि उनका एक्सीडेंट हो गया है। इसके बाद सभी लोग नागरिक अस्पताल में पहुंचे। यहां पर संदीप, बीरा व सुरेश पहले ही मौजूद थे। उन्होंने बताया कि नरेंद्र व गांव खटकड़ निवासी शमशेर बाइक पर आ रहे थे। एक गाय से उनकी बाइक टकरा गई। इसमें दोनों घायल हो गए। इसके बार नरेंद्र को हिसार के एक अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जब संदीप, शमशेर, बीरा व सुरेश से दुर्घटना के बारे में पूछा तो वह अलग-अलग जगह बता रहे थे। इसकी शिकायत उन्होंने सिविल लाइन थाना में दी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। महिला ने आरोप लगाया कि उक्त लोगों के साथ उसके पति का कई कामों में सांझेदारी थी। उन्होंने किसी प्राइवेट कंपनी में भी पैसे लगाए हुए थे, इसलिए आरोपियों ने उसकी हत्या की है। बाद में सात सितंबर को उसके पति की मौत हो गई। इसके बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
फंदा लगाने की कोशिश करने पर पुलिस कर्मियों ने किया बचाव
इस पूरे मामले की शिकायत सरोज व कुछ अन्य लोग एसपी से करने के लिए आए हुए थे। एसपी ने जब उनकी बात सुनी तो सरोज को कोई संतोष नहीं हुआ। उसने एसपी से कहा कि जब मेरे पति ही मर गए हैं और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो रही तो मुझे पर मर जाना चाहिए, इतना कहते हुए सरोज ने गले में चुन्नी का फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। पुलिस कर्मचारियों ने सरोज का पकड़ लिया और एसपी के निर्देश पर महिला थाना भेज दिया। बाद में महिला थाना पुलिस ने सरोज को छोड़ दिया।
पुलिस ने नरेंद्र की मौत के पूरे मामले की जांच की थी। इसमें पुलिस जांच में सामने आया कि नरेंद्र व शमशेर का एक्सीडेंट हुआ था। महिला जो आरोप लगा रही है, वह सब बेबुनियाद हैं। पुलिस ने अपनी तरफ से जो कार्रवाई करनी चाहिए थी वह की है। इसमें कोई मामला नहीं बनता था इसलिए एफआईआर दर्ज नहीं की।
-डॉ. सुनील कुमार, थाना प्रभारी, सिविल लाइन।