सुबह के समय आसमान में छाया वायु प्रदूषण। संवाद
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जींद। जिले में वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) कम होने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले सप्ताह वायु प्रदूषण में कुछ कमी आई थी लेकिन अब फिर से वायु प्रदूषण काफी बढ़ गया है। इस समय पराली जलाने का कोई मामला सामने नहीं आ रहा है, इसके बावजूद एक्यूआई 293 पर पहुंच चुका है। ऐसे में लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
दिवाली के बाद जिले में लगातार वायु प्रदूषण बढ़ा है। 15 दिन पहले जिले में एक्यूआई 500 तक पहुंच गया था लेकिन इसके बाद यह कम होना शुरू हुआ। अब दो दिन से फिर से एक्यूआई में बढ़ोतरी हुई है। ठंड के कारण आसमान में तैर रहे धूल के कण भारी होकर धरातल की तरफ आ जाते हैं, इससे भी वायु प्रदूषण हो रहा है। वायु प्रदूषण का यह स्तर पहले से बीमार लोगों के लिए काफी खतरनाक है। इसके अलावा अस्थमा रोगियों के लिए तो इस समय हवा में जहर घुला हुआ है। 26 नवंबर को एक्यूआई 310 तक पहुंच गया था। 27 को एक्यूआई की तरफ से कोई डाटा जारी नहीं किया गया। सोमवार को एक्यूआई 293 पहुंच गया है। 23 व 24 नवंबर को एक्यूआई 219 तथा 223 रहा। इससे पहले भी 22 को 254 तथा 21 नवंबर को 256 दर्ज किया गया था।
बच्चों व बुजुर्गों का रखें ध्यान
डिप्टी एमएस डॉ. राजेश भोला ने कहा कि इस मौसम में बुजुर्गों व बच्चों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। काफी लोग लापरवाही करते हैं, जो बीमार हो जाते हैं। पहले से बीमार व अस्थमा रोगियों को घरों से बाहर नहीं निकलना चाहिए। सुबह व शाम की सैर को बंद कर देना चाहिए। लोगों को आग जलाने से भी परहेज करना चाहिए क्योंकि आग से निकलने वाला धुआं वायु प्रदूषण को बढ़ाता है। दिनभर लोगों को गर्म पानी पीना चाहिए। जिन लोगों को गले में खराश हो गई है, उनको गर्म पानी के गरारे करने चाहिएं। ठंडी खाद्य सामग्री का सेवन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हैं।