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Jind News: कर्मचारियों की लापरवाही से नहीं बुझ रही 1500 परिवारों की प्यास

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23जेएनडी04-शहर के सेक्टर-9 में बने बुस्टर स्टेशन के टैंक से निकाला जा रहा पानी। संवाद
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जींद। सेक्टर-9 में बना बूस्टिंग स्टेशन के शुरू होने से पहले ही उसकी तीनों मोटर खराब हो गई। तीनों मोटर में पानी घुस गया। अब सेक्टर-9 और 8 के लगभग 1500 परिवारों की प्यास अभी नहीं बुझेगी। बूस्टिंग स्टेशन शुरू होने में अभी एक सप्ताह का समय लगेगा, उसके बाद ही नहरी पानी की सुविधा मिल पाएगा।
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बूस्टिंग स्टेशन के पाइप लाइन में लीकेज आने के कारण अभी टैंक शुरू होने में समय लगेगा। पहले लीकेज को ठीक किया जाएगा, जिसके बाद यह टैंक शुरू होने की संभावना है। एचएसवीपी की ओर से अभी टैंक से पानी खाली करवाकर लीकेज का पता किया जा रहा है। सेक्टर-8 और 9 में 1500 घरों के लोग पेयजल समस्या से परेशान हैं। भूमिगत पानी की गुणवत्ता अच्छी नहीं होने के कारण लोगों ने मजबूरन घरों में आरओ लगवा रखा है। बूस्टिंग स्टेशन शुरू होने के बाद दोनों सेक्टरों में लोगों को नहरी पेयजल सप्लाई दी जा सकेगी। फिलहाल टैंक से पानी निकाला जा रहा है।

गौरतलब है कि सेक्टर-9 में 8 साल पहले बूस्टर बनकर तैयार हो गया था, लेकिन एचएसवीपी की लेटलतीफी के चलते बूस्टर में बिजली कनेक्शन नहीं हो पाया। इसके कारण बूस्टर बंद पड़ा रहा। वर्ष 2021 में एचएसवीपी ने बिजली कनेक्शन के लिए निगम को अप्लाई किया और सिक्योरिटी राशि के साथ चार लाख 65 हजार 765 रुपये एस्टीमेट राशि जमा करवा दी थी। इसके बाद भी कनेक्शन नहीं हो पाया और मामला ठंडे बस्ते में चला गया। बूस्टर चालू नहीं होने के काफी समय बाद सेक्टर-8 और नौ रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारी कनेक्शन में देरी के मामले को लेकर निगम के एसई और एसडीओ से मिले। अधिकारियों ने बताया कि बिजली निगम ने जो चार लाख 65 हजार 765 रुपये की एस्टीमेट राशि जमा करवाई थी, वह राशि निगम ने शहरी विकास प्राधिकरण के किसी और अन्य काम में समायोजित कर दी थी। सेक्टर-8 एसोसिएशन के प्रधान सतबीर बांगड़ और अन्य पदाधिकारियों ने बिजली निगम व शहरी विकास प्राधिकरण अधिकारियों के बीच सामंजस्य करवाते हुए मामले को आगे बढ़ाया।
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लोगों को मिल रहे आश्वासन पर आश्वासन

सेक्टर-8 रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान सतबीर बांगड़, जसबीर रेढू, प्रवीण बूरा, प्रवीण ढिल्लों, जसमेर सांगवान व कर्मपाल देशवाल का कहना है कि सेक्टरवासियों को अधिकारी आश्वासन पर आश्वासन दे रहे हैं। एचएसवीपी कर्मचारियों की लापरवाही की वजह से बूस्टिंग स्टेशन शुरू होने में देरी हो रही है। लगभग गर्मी का मौसम निकल चुका है। पिछले दिनों एचएसवीपी द्वारा बूस्टिंग स्टेशन के टैंक में पानी भरा गया था। कर्मचारियों ने पानी भरते समय पाइप लाइन लीकेज पर ध्यान नहीं दिया। टैंक का पानी मोटरों में चला गया है। इसके चलते मोटर खराब हो गई हैं। इसे ठीक करवाने में अभी और समय लगेगा, जबकि एचएसवीपी के अधिकारी पिछले सप्ताह ही बूस्टिंग स्टेशन शुरू करवाने की बात कह रहे थे। सेक्टरवासियों को नहरी पानी के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

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फिलहाल दोनों सेक्टरों में हो रही ट्यूबवेल से पेयजल सप्लाई

एचएसवीपी के अधीन आने वाले क्षेत्र में सेक्टर-8 और 9 को छोड़कर बाकी सेक्टरों में हांसी ब्रांच नहर से नहरी पेयजल सप्लाई दी जा रही है। वहीं, सेक्टर आठ और नौ में फिलहाल ट्यूबवेल से पेयजल सप्लाई हो रही है। भूमिगत पानी की गुणवत्ता अच्छी न होने के कारण लोगों ने मजबूरन घरों में आरओ लगवाए हुए हैं। भूमिगत पानी के प्रयोग से सेक्टरवासियों मेें बीमारियों से ग्रसित होने का भी डर बना हुआ है।

वर्जन

सेक्टर-9 में बने बूस्टिंग स्टेशन के टैंक में पानी भरते समय पाइप लाइन में लीकेज आ गई थी। टैंक को खाली करवा दिया है। लीकेज ठीक होने में एक सप्ताह का समय लग सकता है। इसके बाद बूस्टिंग स्टेशन शुरू करवाकर सेक्टरवासियों को नहरी पानी की सुविधा मुहैया करवा दी जाएगी।
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-रोहित, कनिष्ठ अभियंता, शहरी विकास प्राधिकरण जींद
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