फोटो नंबर-19कथा के दौरान भागवत आरती करते भक्तजन। स्रोत-आयोजक
नारनौल। पुरानी मंडी में सिंघल परिवार द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चतुर्थ दिवस सोमवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का वाचन श्री धाम वृंदावन से पधारे बाल व्यास आयुष महाराज ने किया। उन्होंने गजेंद्र प्रसंग सुनाते हुए बताया कि यह कथा प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का प्रतीक है। आज का मानव भी सांसारिक भोग-विलास और रिश्तों में उलझा रहता है, परंतु जब संकट आता है तो कोई साथ नहीं देता, क्योंकि अधिकांश संबंध स्वार्थ की नींव पर टिके होते हैं। कार्यक्रम में ऋषि सिंघल, रतन सिंघल, श्याम सुंदर, गोपीराम, संजय कुमार, प्रमोद कुमार व विपिन सिंघल आदि मौजूद रहे। संवाद