खेतों में जाकर रिकॉर्ड में दर्ज गिरदावरी की जांच करते एसडीएम डॉ. राजेश खोथ। संवाद
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पटवारी द्वारा रिकॉर्ड में दर्ज खरीफ फसल के रिकॉर्ड की जांच एसडीएम डॉ. राजेश खोथ ने की। इस दौरान उनके साथ तहसीलदार जय सिंह भी मौजूद रहे। घसो, खरकभूरा व उचाना कलां सहित विभिन्न गांवों के खेतों में जाकर रिकॉर्ड में दर्ज फसल गिरदावरी की जांच की गई। एसडीएम ने बताया कि पांच अगस्त से लेकर पांच सितंबर तक गिरदावरी करने का समय राजस्व विभाग के पास था। इसमें कर्मचारियों द्वारा अपने-अपने एरिया में गिरदावरी का काम पूरा किया गया। उन्होंने बताया कि पांच सितंबर से लेकर 10 सितंबर तक खेतों में जाकर रिकॉर्ड में दर्ज फसल की गिरदावरी की जांच की गई ताकि पता लग सकें कि जो गिरादवरी रिकॉर्ड में फसल की दर्ज है वह सही है या नहीं। गिरदावरी का कार्य बिल्कुल सही मिला। कई गांवों में तो किसानों द्वारा सब्जियां, बाग भी लगाए हैं। अब किसान परंपरागत खेती को छोड़ कर बागवानी व सब्जियों की तरफ जाने लगे हैं जो भविष्य के लिए अच्छे संकेत भी हैं। इस मौके पर कानूनगो सुरेश, कृष्ण, रामबिलास पटवारी, अजय पटवारी व अनिल पटवारी मौजूद रहे।