जींद। एक तरफ जहां जिले के सभी गांवों के लोग चुनाव के महापर्व में आहुति डालने लग रहे, वहीं भिड़ताना व चाबरी गांवों के लोगों का इस महापर्व से कोई सरोकार नहीं रहा। ग्रामीणों ने बुधवार को दिन भर नेशनल हाईवे 352-ए पर रास्ते की मांग को लेकर यहां धरना दिया।
नेशनल हाईवे 352-ए पर रास्ते की मांग को लेकर बुधवार को भी अपना धरने जारी रखा। दोनों गांवों के लोगों ने न तो सरपंच पद और न ही पंच के लिए कोई आवेदन दाखिल किया था और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव के बहिष्कार का ऐलान किया हुआ है। बुधवार को धरने की अध्यक्षता सरिता भिड़ताना ने की जबकि भूख हड़ताल पर चांद कौर, सुमित्रा, बिमला, राजल व दर्शना देवी बैठीं। धरने का संचालन सूबे सिंह चाबरी ने किया।
उन्होंने कहा कि दो माह से भी ज्यादा समय से जींद-सोनीपत ग्रीन फील्ड और नारनौल-ईस्माइलाबाद नेशनल हाईवे के इंटरचेंज के पास चाबरी, भिड़ताना, मोरखी, निडाना, आसन, सिवाहा, कालवा, खरकरामजी समेत दर्जनों गांवों के लोग धरना दे रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि उन्हें ग्रीन फील्ड हाईवे पर चढ़ने के लिए रास्ता दिया जाए। साथ ही यहां जो अंडरपास पहले से बना है, उसे भी चालू रखा जाए। यहां पानी न भरे, इसके लिए प्रबंध किया जाए। जब तक प्रशासन द्वारा हाईवे पर चढ़ने के लिए रास्ते का मैप और लिखित में आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक वह प्रशासन पर भरोसा नहीं करेंगे। जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी, उनका धरना जारी रहेगा।