संवाद न्यूज एजेंसी
जींद। जिला परिवेदना समिति की डीआरडीए हॉल में बुधवार को हुई बैठक में बिजली मंत्री रणजीत चौटाला ने 16 शिकायतें सुनीं। इनमें से मंत्री ने मौके पर ही 15 शिकायतों का समाधान किया, जबकि शेष बची एक शिकायत का मामला उच्च अधिकारियों को दे दिया गया है। वह इसके समाधान के लिए त्वरित आधार पर कार्रवाई करेंगे। वहीं मंत्री ने कहा कि लोगों की शिकायत मिलते ही कार्रवाई क्यों नहीं की, बैठक से पहले कैसे समाधान हो जाता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में इस तरह की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे।
बिजली मंत्री चौधरी ने कहा कि अधिकारी जिला परिवेदना समिति की बैठक में होमवर्क करके आएं और आमजन की आने वाली शिकायतों का शीघ्र समाधान करना सुनिश्चित करें। उन्होंने परिवेदना समिति में आई सभी शिकायतों को सुना और उनके समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरियाणा बिजली के मामले में देश में गुजरात के बाद दूसरे नंबर पर है। सभी प्रकार की औद्योगिक ईकाइयां अब हरियाणा में प्रवेश कर चुकी हैं, जिनसे राज्य को आर्थिक तौर पर काफी फायदा भी पहुंच रहा है और युवाओं को रोजगार के अवसर भी पैदा हो रहे है।
हर्बल पार्क में पानी की व्यवस्था के निर्देश दिए
उन्होंने सत्यनारायण व राजबीर सिंह ने हर्बल पार्क में नहरी पानी लगवाने व रोशनी की व्यवस्था करवाने के बारे में शिकायत मंत्री के सामने रखी। मंत्री ने संज्ञान लेते हुए जींद के विधायक डॉ. कृष्ण लाल मिड्ढा, जींद एसडीएम डॉ. पंकज व जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, वन विभाग, कार्यकारी अभियंता जल सेवाएं की एक कमेटी गठित कर निर्देश दिए कि वह आपस में बैठक कर इसका समाधान निकालें, ताकि हर्बल पार्क में पानी की व्यवस्था हो सके।
तीन शिकायतों का एक या दो दिन पहले हुआ समाधान
मंत्री की बैठक में आई शिकायतों में तीन का एक या दो दिन पहले ही समाधान किया गया। इस पर मंत्री ने कहा कि उनकी बैठक में शिकायत आने के बाद इतनी जल्दी समाधान अधिकारी कैसे करते हैं, जबकि पीड़ितों की ओर से कई महीने या फिर साल पहले अधिकारियों को शिकायत दी जाती है। भविष्य में इस तरह की शिकायत मिली तो संबंधित अधिकारी जिम्मेदार होंगे। उन्होंने कहा कि गलियों व नालियों के निर्माण जैसी शिकायतें मिल रही हैं। इससे साफ है कि अधिकारियों का लोगों की समस्याओं की तरफ कोई ध्यान नहीं है।
ज्ञापन देने आई आशा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर लगाए बदसलूकी के आरोप
अपनी मांगों को लेकर डीआरडीए हॉल में मंत्री को ज्ञापन देने आईं आशा कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर बदसलूकी व गलत व्यवहार करने के आरोप लगाए। हालांकि जिस समय आशा कार्यकर्ता ज्ञापन देने आई थीं, उस समय मंत्री वहां से निकल चुके थे, लेकिन उन्होंने आरोप लगाया कि वह विरोध प्रदर्शन करते हुए डीआरडीए हॉल में जा रही थीं।
इस दौरान वहां पर मौजूद पुरुष पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्कामुक्की करते हुए बदसलूकी की। इसके बाद डीआरडीए हॉल के गेट को बंद कर दिया। इसके बाद वह दीवारों से कूदकर अंदर जाने पर मजबूर हुई। यहीं नहीं उन्होंने ने आरोप लगाया कि इसके बाद वह पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह में मंत्री से मिलने गईं तो वहां पर भी पुलिसकर्मियों ने उनका रास्ता रोककर बदसलूकी की। इसको वह किसी भी तरह से सहन नहीं करेंगी।