22जेएनडी13: सीआरएसयू में आयोजित कार्यशाला में व्याख्यान देते हुए मुख्य वक्ता डॉ. शमशेर सिंह। स्
जींद। संत कबीरदास की वाणी आज भी समाज को समानता, प्रेम और सद्भाव का संदेश देती है। उनकी रचनाएं केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ चेतना जगाने और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का माध्यम हैं। यह बात चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित विशेष व्याख्यान में मुख्य वक्ता डॉ. शमशेर सिंह ने कही। डॉ. शमशेर सिंह ने कहा कि कबीर भक्तिकाल के प्रमुख संत, कवि और समाज सुधारक थे। उन्होंने अपनी निर्भीक वाणी के माध्यम से जातिगत भेदभाव, धार्मिक आडंबरों, रूढ़ियों और अंधविश्वासों पर प्रहार किया। संवाद