जींद। जुलाना में दावत होटल संचालक और एक निजी अस्पताल के चिकित्सक से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में सीआईए ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान गांव ढिगाना निवासी विकास उर्फ भोलू और निंदाना निवासी प्रदीप के रूप में हुई है। विकास उर्फ भोलू पर पुलिस ने पांच हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। भोलू ने हिसार जेल में बंद लिजवाना के कुलदीप सरपंच के इशारे पर दावत होटल संचालक से रंगदारी मांगी थी। विकास पर हत्या, शस्त्र अधिनियम, लूट, फिरौती समेत एक दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं।
डीएसपी संदीप धनखड़ ने मंगलवार को प्रेस वार्ता कर बताया कि आठ जुलाई रात को ढाबा संचालक बलजीत ने जुलाना थाना पुलिस में दी शिकायत में बताया था कि रात को बाइक सवार दो युवकों ने होटल में फायरिंग की थी और जाते समय धमकी भरा पत्र डालकर गए थे। इसमें आरोपियों ने 50 लाख रुपये की मांग की थी। पुलिस ने इसकी जांच सीआईए जुलाना को सौंपी थी। पुलिस इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, लेकिन मुख्य सरगना गांव ढिगाना निवासी विकास उर्फ भोलू और रोहतक जिले के गांव निंदाना निवासी प्रदीप फरार चल रहे थे। सोमवार रात को सीआईए जुलाना के इंचार्ज संदीप सिंधु के नेतृत्व वाली टीम ने दोनों आरोपियों को सिरसा से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में यह सामने आया कि आठ जुलाई को ही दोनों आरोपियों ने जुलाना में अरोग्य अस्पताल के संचालक डॉ. योगेश के पास भी फोन कर 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। डॉ. योगेश ने रोहतक के अर्बन एस्टेट थाने में रंगदारी मांगने का मामला दर्ज करवाया था।
विकास के भाई पर भी 35 मामले दर्ज
ढिगाना गांव निवासी विकास उर्फ भोलू ने 13 वारदातों को जींद और रोहतक क्षेत्र में अंजाम दिया है। करीब छह साल पहले अपराध की दलदल में विकास उतरा था। भोलू ने वर्ष 2017 में पेट्रोल पंप पर एक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। इसके बाद उसने लूटपाट, शस्त्र अधिनियम, रंगदारी मांगने के मामले दर्ज हुए थे। पिछले दिनों भी उसने जुलाना के निकट एक गाड़ी को छीना था। इसमें गांव निंदाना निवसी प्रदीप भी शामिल था। विकास उर्फ भोलू पुलिस की पकड़ में नहीं आ रहा था और उस पर पांच हजार रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। विकास के भाई पर भी 35 से ज्यादा हत्या, लूट, फिरौती के मामले दर्ज हैं। उसका भाई भी हिसार जेल में ही बंद है।