पटवार भवन में धरने पर बैठे पटवारी। संवाद।
जींद। मांगों को लेकर पटवारियों का धरना सोमवार को भी जारी रहा। पटवारियों ने कहा कि सरकार ने पटवारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाया। अगर मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए बाध्य होंगे।
द पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के आह्वान पर सोमवार को पटवारियों की हड़ताल अलेवा कानूनगो सुरेश कुमार की अध्यक्षता में जारी रही। पटिवारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बढ़ाए गए वेतनमान का नोटिफिकेशन जारी नहीं किया गया है। जबकि राजस्व विभाग इस मामले में अपनी संतुष्टि दे दी थी। इस बारे में एसोसिएशन के पदाधिकारी कई बार उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं लेनिक सुनवाई नहीं हो रही है। अब दस जनवरी तक उनकी हड़ताल जारी रहेगी।
सुरेश कानूनगो ने कहा कि उन्होंने छह व सात जनवरी को अवकाश के दौरान सरकार से वार्ता की उम्मीद थी, लेकिन उनके साथ सरकार ने बात करने के लिए कोई पहल नहीं की, अगर दस जनवरी तक उनकी मांगों को नहीं माना गया तो वह अनिश्चितकालीन हड़ताल करने पर मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में पटवारी की संख्या जहां चार हजार के आसपास होनी चाहिए थी, अब मात्र 1400 पटवारी ही काम कर रहे हैं। जिससे पटवारियों पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे में सरकार यथाशीघ्र पटवारी की नियमित भर्ती करे, ताकि जनता के काम भी समय पर हो सकें।
उन्होंने कहा कि 2019 से गिरदावरी कंप्यूटर सहायक का पैसा आजतक भी नहीं मिला है। वहीं पटवारी की गिरदावरी का समय डेढ़ महीना किया जाए, ताकि पटवारी गिरदावरी समय से कर सकें। सरकार जल्द से जल्द पटवारियों की मांग को पूरा करें। उन्होंने कहा कि संगठन उपमुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री से भी कई बार मिल चुके हैं तथा अपना पक्ष रखते हुए समय लेने के लिए मुख्यमंत्री को भी ईमेल भेजी गई थी। जिसका जवाब आज तक भी नहीं आया है। प्रत्येक जिला में एसोसिएशन द्वारा उपायुक्त के माध्यम से ज्ञापन भी भेजे जा रहे हैं। जिसमें मांग की जा रही है कि नायब तहसीलदार की विभाग की परीक्षा जो साल में दो बार करवाए जाने का प्रावधान है। वह तीन साल बीतने पर एक बार भी नहीं हुई है। जिससे कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत हो रहे हैं। सकार इस परीक्षा को जल्द से जल्द करवाए। पटवारियों का जो प्रशिक्षण काल है। उसे सेवा काल में जोड़ा जाए, क्योंकि प्रशिक्षण काल डेढ़ वर्ष का है, जबकि किसी भी अन्य विभाग में ऐसा नहीं है। पटवारियों को कंप्यूटर की विभागीय ट्रेनिंग करवाई जाए, ताकि पटवारी अपना कार्य खुद से कर सकें और उन्हें किसी ऑपरेटर के अधीन न होना पड़े। इसके लिए पटवारियों को लैपटॉप भी उपलब्ध करवाए जाएं।