सफीदों। वेदाचार्य दंडीस्वामी डाॅ. निगमबोध तीर्थ महाराज के परम सान्निध्य में नगर की गुरुद्वारा गली स्थित श्री शिव शक्ति कृपा मंदिर और हरि संकीर्तन भवन में चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा में व्यास पीठ से श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए भागवत भास्कर दीपक भाई जोशी (श्री वृंदावन धाम) ने कहा कि भगवान की लीला अपरंपार है। वह अपनी लीलाओं के माध्यम से मनुष्य व देवताओं के धर्मानुसार आचरण करने के लिए प्रेरित करते हैं। भागवत कथा में जीवन का सार तत्व मौजूद है आवश्यकता है निर्मल मन और स्थिर चित्त के साथ कथा श्रवण करने की। भागवत श्रवण से मनुष्य को परमानंद की प्राप्ति होती है। भागवत श्रवण मनुष्य के संपूर्ण कलेश को दूर कर भक्ति की ओर अग्रसर करती है। इस दौरान मनुष्य को निर्णय करना होता कि उसे किस राह पर चलना है। श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा पांच हजार वर्षों से मानव के उद्धार व मुक्ति की कथा बनकर सनातन संस्कृति को अनुप्राणित कर रही है।