24जेएनडी20: जानकारी देते हुए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारी। संवाद।
जींद। राशन डिपो पर स्टेशनरी बेचे जाने की योजना जिले के अधिकतर डिपो धारकों को रास नहीं आई। इसके चलते जिले में 556 डिपो धारकों में से 141 ने स्टेशनरी बेचने पर ही सहमति जताई है। 415 डिपो धारकों ने स्टेशनरी बेचने से मना कर दिया। इस योजना को सिरे चढ़ाने के लिए खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने राशन डिपो धारकों से राय ली थी। जिसमें एक तिहाई ने ही सहमति जताई है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग को मुख्यालय की तरफ से निर्देश मिले थे कि डिपो धारकों की आमदनी बढ़ाने के लिए स्टेशनरी का सामान उपलब्ध करवाया जाए, ताकि एक तो गांवों व शहर की कालोनियों में पढ़ने वाले बच्चों को स्टेशनरी का सामान लेने के लिए दूर नहीं जाना पड़े, जबकि यह स्टेशनरी बाजार व आम दुकानों की अपेक्षा राशन डिपो पर सस्ते रेटों में उपलब्ध करवानी थी। इसमें स्टेशनरी का हर तरह का सामान डिपो धारकों को विभाग की तरफ से मुहैया करवाया जाना है। इसमें विद्यार्थियों के लिए पेन, पेंसिल, इरेजर, नोटबूक, डेयरी, रजिस्टर, स्केल समेत हर तरह की स्टेशनरी उपलब्ध करवाई जाएगी। विभाग की योजना थी कि एक तो लोगों को यह सामग्री गांव में ही उपलब्ध हो और दूसरा इसमें राशन डिपो धारकों के लिए भी अच्छा कमीशन दिया जाएगा। जिससे उनकी आमदनी में इजाफा हो। इसके अलावा स्टेशनरी का सामान रखने पर डिपो भी पूरा महीना खुला रहेगा। जिससे उपभोक्ताओं को भी राशन लेने में कोई दिक्कत नहीं रहेगी, जब भी उपभोक्ता को राशन लेने का समय मिले उसी समय राशन लिया जा सकता है। अब डिपो धारक महीने में एक या दो दिन में ही राशन वितरण कर डिपो को बंद कर देते हैं। जिससे कुछ उपभोक्ता राशन लेने से वंचित रह जाते हैं। विभाग की योजना को डिपो धारकों ने पूर्ण स्तर पर सिरे नहीं चढ़ने दिया। जिसके चलते अब जिले में 141 डिपो पर ही स्टेशनरी मिल सकेगी।
कम संख्या में डिपो धारकों ने मंगवाई स्टेशनरी
जिले में प्रत्येक डिपो धारक से स्टेशनरी का सामान बेचने के लिए पत्र लिखा गया था। जिसमें से 141 डिपो धारकों ने स्टेशनरी का सामान बेचने के लिए सहमति दर्ज करवाई। अब जिन डिपो धारकों ने सहमति दर्ज करवाई है। उनके डिपो पर स्टेशनरी का सामान पहुंचवाने के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा है। जल्द ही स्टेशनरी का सामान पहुंचवा दिया जाएगा, ताकि उनकी आमदनी में इजाफा हो और लोगों को गांव में ही अच्छी क्वालिटी व सस्ते रेटों में स्टेशनरी उपलब्ध हो सके।
निशांत राठी जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी जींद।