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अनुदान के प्रोत्साहन से बढ़ेगा बागवानी का रकबा

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बागवानी विभाग के सलाहकार डॉ. असीम जांगड़ा को योजनाओं के प्रचार के लिए जानकारी लेते हुए एडीसी साहि - फोटो : Jind
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जींद। जिला बागवानी विभाग जिले में बागवानी की फसलों को बढ़ावा देने के लिए चार करोड़ 79 लाख 58 हजार 819 रुपये का अनुदान देकर किसानों का बागवानी की फसलों के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। जिसके चलते विभाग बागवानी की फसलों के लिए किसानों से आवेदन मांग रहा है, ताकि वह परंपरागत खेती से दूर हटकर लाभ की खेती की तरफ अग्रसर हो।
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जिला बागवानी सलाहकार डॉ. असीम कुमार ने बताया कि बागवानी विभाग के मिशन के अनुसार किसानों के खेतों पर पौधरोपण के तहत सामान्य पौधरोपण में बेर, चीकू, लिची, आंवला, नाशपति, आडु, आलुबुखारा व बेलपत्र का बाग लगाने पर 50 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। इसमें किसान को 32,500 रुपये प्रति एकड़ दिया जाता है। इसके अलावा संघन पौधरोपण में आम, अमरुद, नींबू वर्गीय, अनार, नाशपति, आडू, आलुबुखारा, अंगूर, पपीता, कमलम फल पर 50 प्रति अनुदान राशि के तौर पर 50000 रुपये प्रति एकड़ देने का प्रावधान है। सुगंधित पौधों की खेती जिसमें देसी गुलाब, खसखस, नींबू घास, तुलसी की खेती करने वाले किसानों को 16000 रुपये प्रति एकड़ अनुदान के रूप में मिलेगा। इसके लिए जिला को 25 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। मशरुम की खेती करने वाले किसानों के लिए मशरुम उत्पादन की इकाई की स्थापना करने पर 40 प्रतिशत अनुदान के तौर पर 800000 रुपये प्रति यूनिट के अनुसार तीन यूनिट बनाई जानी हैं। पानी के पक्के टैंक बनाने हेतू सामुदायिक टैंक जिसमें चार या इससे अधिक किसान हिस्सेदार होंगे, इन पर 100 प्रतिशत अनुदान देने का बागवानी विभाग को प्रावधान है।
योजनाओं का लाभ लेने के लिए विभागीय होर्टनेट पोर्टल पर करें आवेदन
विभाग की इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए बागवानी विभाग के होर्टनेट पोर्टल पर किसानों को आवेदन करना होगा। इसमें योजनाओं का लाभ देने के लिए किसानों का चयन पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों की वरिष्ठता सूची के आधार पर किया जाएगा। इसके अलावा स्कीमों का लाभ लेने के लिए सभी किसानों को मेरी फ सल मेरा ब्यौरा पर पंजीकरण करना अनिवार्य है।
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बागवानी को जिले में बढ़ावा देने के लिए विभाग के अधिकारी व कर्मचारी किसानों को लगातार बागवानी के बारे में जागरूक कर रहे हैं। जिसके चलते जिले में बागवानी का लगातार रक्बा बढ़ रहा है। बागवानी विभाग प्रगतिशील किसानों के खेतों में अन्य किसानों को भम्रण करवाएगा ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान विभाग की योजनाओं का लाभ लेकर बागवानी की खेती की तरफ अग्रसर हो सकें।
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-एडीसी साहिल गुप्ता।
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