जींद। एडीजे डॉ. चंद्रहास की अदालत ने नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म करने के जुर्म में एक युवक को मंगलवार को दोषी करार देते हुए दस वर्ष की कैद व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने की सूरत में दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। इसके अलावा डीएलएसए पीड़िता को चार लाख की आर्थिक सहायता भी देगा। अदालत में चले अभियोग के अनुसार शहर थाना नरवाना इलाके के एक व्यक्ति ने 29 नवंबर 2020 को दी शिकायत में बताया था कि उसकी नाबालिग बेटी हुडा ग्रांउड गई हुई थी। जहां से वह गायब हो गई। आसपास तलाशने तथा पूछताछ करने पर उसकी बेटी का कोई सुराग नहीं लगा। व्यक्ति ने आरोप लगाया था कि गांव डूमरखां कलां निवासी अशोक ने उसकी बेटी का अपहरण किया है। शहर थाना नरवाना पुलिस ने व्यक्ति की शिकायत पर अशोक के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया था। बाद में पुलिस ने युवती को बरामद कर आरोपी अशोक को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण के अलावा चार पॉक्सो एक्ट की धारा जोड़ दी थी। तभी से मामला अदालत में विचाराधीन था। मंगलवार को अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश डॉ. चंद्रहास की अदालत ने अशोक को अपहरण कर दुष्कर्म के जुर्म में दस साल का कारावास तथा बीस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को एक साल का अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।