05जेएनडी3६: पटवार भवन में हड़ताल पर बैठे पटवारी। संवाद।
जींद। पटवारियों की चल रही हड़ताल से इंतकाल, डोमिसाइल व ईडब्ल्यूएस के काम पूरी तरह से प्रभावित रहे। जिले में आज 50 रजिस्ट्री ही हो पाईं जबकि सामान्य दिनों में 200 से 300 रजिस्ट्री होती थीं।
एसोसिएशन ने दस जनवरी तक हड़ताल बढ़ाकर आमजन की परेशानी को बढ़ा दिया है। अब आगामी दिनों में भी लोगों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ेगा। पटवार एंड कानूनगो एसोसिएशन के जिला प्रधान सूबे सिंह ने कहा कि अभी शनिवार व रविवार को सरकार को दो दिन का समय दिया गया है। अगर इन दो दिनों में सरकार पटवारियों को वार्ता के लिए नहीं बुलाती है तो आठ से लेकर दस जनवरी तक हड़ताल को बढ़ा दिया जाएगा। वहीं पटवारियों की हड़ताल के चलते तीन दिन से लोग परेशान हैं। रजिस्ट्रियां, इंतकाल, डोमिसाइल व प्रमाण पत्र जैसे काम रुके हुए हैं। ऐसे में अगर पटवारियों की हड़ताल तीन दिन तक और बढ़ती है तो लोगों की परेशानी बढ़ जाएगी।
पटिवारियों ने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा बढ़ाए गए वेतनमान का नोटिफिकेशन आजतक भी जारी नहीं किया गया है, जबकि राजस्व विभाग द्वारा इस मामले में अपनी संतुष्टि दे दी गई थी। इस बारे में एसोसिएशन के पदाधिकारी कई बार उच्च अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाए उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ। ऐसे में एसोसिएशन ने तीन से पांच जनवरी तक सांकेतिक धरना देने का निर्णय लिया है था। पटवारियों ने कहा कि प्रदेशभर में पटवारी की संख्या जहां चार हजार के आसपास होनी चाहिए थी, अब मात्र 1400 पटवारी ही काम कर रहे हैं। जिससे पटवारियों पर काम का अत्यधिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे में सरकार यथाशीघ्र पटवारी की नियमित भर्ती करे, ताकि जनता के काम भी समय पर हो सकें। इसके अलावा 2019 से गिरदावरी कंप्यूटर सहायक का पैसा आजतक भी नहीं मिला है। वहीं पटवारी की गिरदावरी का समय डेढ़ महीना किया जाए, ताकि पटवारी गिरदावरी समय से कर सकें। इस अवसर पर सन्नी व रविदत्त भी मौजूद रहे।
उपमुख्यमंत्री मिले पर नहीं हुआ समाधान
उन्होंने कहा कि संगठन उपमुख्यमंत्री व राजस्व मंत्री से भी कई बार मिल चुके हैं व अपना पक्ष रखते हुए समय लेने के लिए मुख्यमंत्री को भी ई-मेल भेजी गई थी। जिसका जवाब आजतक भी नहीं आया है। प्रत्येक जिला में एसोसिएशन द्वारा डीसी के माध्यम से ज्ञापन भी भेजे जा रहे हैं। जिसमें मांग की जा रही है कि नायब तहसीलदार की विभाग की परीक्षा जो साल में दो बार करवाए जाने का प्रावधान है। वह तीन साल बीतने पर एक बार भी नहीं हुई है। जिससे कर्मचारी बिना प्रमोशन के ही सेवानिवृत हो रहे हैं। सकार इस परीक्षा को जल्द से जल्द करवाए। पटवारियों का जो प्रशिक्षण काल है। उसे सेवा काल में जोड़ा जाए, क्योंकि प्रशिक्षणकाल डेढ़ वर्ष का है और इसमें पटवारी डेढ़ वर्ष देते हैं। जबकि किसी भी अन्य विभाग में ऐसा नही है। पटवारियों को कंप्यूटर की विभागीय ट्रेनिंग करवाई जाए ताकि पटवारी अपना कार्य खुद से कर सकें और उन्हें किसी ऑपरेटर के अधीन न होना पड़े। इसके लिए पटवारियों को लैपटॉप भी उपलब्ध करवाए जाएं।