03जेएनडी20 : लगातार शीतलहर चलने से फसलों के कुछ पत्ते पीले पड़ने लगे। संवाद
जींद। पिछले पांच दिन से चल रही शीतलहर में बुधवार को दिन में कुछ देर के लिए निकली धूप ने लोगों को राहत दी। इसके बावजूद भी ठंड से लोगों को राहत नहीं मिली।
बुधवार को न्यूनतम तापमान पांच डिग्री सेल्सियस तो अधिकतम तापमान 14 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लगातार चल रही शीतलहर के कारण आम जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है। इससे गेहूं की फसल में पीलापन आने लगा है। इससे उत्पादन प्रभावित हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल मौसम परिवर्तनशील व शुष्क रहेगा और आंशिक रूप से बादलवाई भी देखने को मिलेगी।
नववर्ष से दो दिन पहले शीतलहर चलनी शुरू हो गई थी, जो आज भी जारी रही। पिछले चार दिन से धूप भी नहीं निकली थी, जो बुधवार को कुछ देर के लिए निकली। इससे लोगों को काफी राहत मिली। ठंड का असर फसलाें के साथ-साथ अब मवेशियों पर भी होने लगा है। ठंड के कारण पशुओं की दूध देने की क्षमता कम हो गई है। पशु चिकित्सकों ने सलाह दी है कि जहां पशुओं को बांधा जाता है, वहां पर किसी भी सूरत में गिला नहीं होने दें, हमेशा पशुओं को सूखे स्थान पर ही रखें। जिस पशुबाड़े में पशुओं को बांधा जाए, उसे तिरपाल से अच्छी तरह से ढक दें। पांडू पिंडारा कृषि विज्ञान केंद्र के मौसम वैज्ञानिक डाॅ. राजेश ने बताया कि आंशिक रूप से पश्चिम विक्षोभ के असर के चलते सूर्य देवता दिखाई दिए हैं। बादलवाई के साथ धूप भी खिलेगी। इसके साथ अधिकतम तथा न्यूनतम तापमान में इजाफा होगा। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि खेतों में शाम के समय सिंचाई करें।
03जेएनडी20 : लगातार शीतलहर चलने से फसलों के कुछ पत्ते पीले पड़ने लगे। संवाद