कार्यक्रम में मुख्यातिथि जजपा के संस्थापक एवं राष्ट्रीयाध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला का स्वागत कर
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जींद। कॉलेज से उभर कर आज कलाकार देश ही नहीं विदेशों में भी अपनी प्रतिभा के जलवे दिखा रहे हैं। विद्यार्थियों को समय का सदुपयोग करने के साथ खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भी हिस्सा लेना चाहिए। इससे उनके व्यक्तित्व का विकास होगा। ये बातें जजपा के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला ने शनिवार को चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय के संबद्ध छोटू राम किसान महाविद्यालय में दो दिवसीय जोनल यूथ फेस्टिवल का शुभारंभ करते हुए कहीं।
मुख्यातिथि डॉ. अजय सिंह चौटाला ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। कुलपति डॉ. रणपाल सिंह ने गेस्ट ऑफ ऑनर के रूप में शिरकत की। इस दौरान डॉ. चौटाला ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से विद्यार्थियों की कला में निखार आता है। ऐसे बहुत से कलाकार हैं जिनकी प्रतिभा का निखास छात्र जीवन में हुआ और वे आज हरियाणी कलाकार के रूप में देश और विदेशों में अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. जोगेंद्र सिंह मलिक ने कहा कि इस फेस्टिवल में हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ अन्य प्रदेशों की संस्कृति, नृत्य व संस्कृति को छात्रों को जानने का मौका मिलेगा। शुरूआत में महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना से की। दो दिन तक चलने वाला युवा उत्सव में नरवाना जोन के महाविद्यालयों के सभी कालेजों के प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह से अपनी प्रस्तुति दी।
सायंकालीन सत्र में मुख्यातिथि के रूप में चौ. देवी लाल विश्वविद्यालय सिरसा के उपकुलपति डॉ. अजमेर सिंह मलिक ने युवा-उत्सव की विधिवत रूप से शुरूआत की। शनिवार को 18 इवेंट की प्रस्तुतियां दी गईं। तीन स्टेजों पर जोन के सभी महाविद्यालयों की टीमों ने प्रस्तुति दी। छोटूराम किसान महाविद्यालय के प्राचार्य जोगेंद्र सिंह मलिक ने बताया कि महाविद्यालय में कार्यक्रमों की प्रस्तुति के लिए तीन स्टेज बनाई गई हैं। इसमें नरवाना जोन के आठ महाविद्यालयों की टीमें अपनी प्रतिभागिता कर रही हैं। टीमों के ठहरने, खाने-पीने का विशेष प्रबंध किया गया। इस अवसर पर जजपा के जिला प्रधान कृष्ण राठी, जाट शिक्षण संस्थान की एडहोक कमेटी के सदस्य गुरदीप सांगवान, वेदपाल भनवाला, एडवोकेट कुलदीप गिल, कुलबीर चहल, कुलदीप रंधावा, महिला जिला प्रधान अमिता ढांडा, कुलदीप भंभेवा, राजू सैन, मास्टर धर्मबीर रेढू, कर्मपाल ढुल, प्रोफेसर राजपाल ढांडा मौजूद रहे।