जींद। राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की जानकारी अब पेरेंट्स एप पर उपलब्ध होगी। इस एप पर बालवाटिका से पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों की एनएफएल के तहत प्रगति रिपोर्ट को माता-पिता अपने मोबाइल में देख सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग ने अभिभावकों के लिए पेरेंट्स नाम से एप बनाया है। अभिभावक इस एप को मोबाइल में डाउनलोड कर अपने बच्चों की अध्ययन क्षमता और कुशलता की जांच कर सकते हैं।
जिले के 424 प्राथमिक स्कूलों में पांचवीं कक्षा तक के लगभग 36 हजार विद्यार्थी हैं। इन सभी की एप पर क्षमता को अपलोड किया जाएगा। इस एप पर विद्यार्थियों की हर तरह की गतिविधियों को अपलोड किया जाएगा। अभिभावकों और अध्यापकों को विद्यार्थियों की क्षमता का पता करने के लिए एप पर एक क्लिक करना होगा। विद्यार्थियों में जो कमियां नजर आएंगी वह एप पर दर्शाई जाएंगी, ताकि विद्यार्थियों पर ध्यान दिया जा सके।
एप के माध्यम से ही विद्यार्थियों को अक्षर की बनावट, मात्रा, बिंदी, वस्तुओं के नाम, उच्चारण इत्यादि में आने वाली दिक्कतों को दूर करने पर काम किया जा सकेगा। शिक्षकों को भी पढ़ाने में आसानी होगी। वर्तमान में विद्यार्थियों की प्रगति रिपोर्ट देने के लिए स्कूलों में अध्यापकों की अभिभावकों के साथ बैठक होती है। इसमें अध्यापक बच्चों की प्रगति के बारे में बताते हैं। अब अभिभावकों को घर बैठे ही बच्चों की प्रगति की ही नहीं, बल्कि उनके पढ़ने, शब्दों को समझने व अन्य चीजों की जानकारी मिल जाएगी। ऐसे में अभिभावक विद्यार्थियों की कमजोरी को दूर करने के लिए काम कर सकेंगे। सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की क्षमता और अध्ययन कुशलता जांचने के लिए शिक्षा विभाग की ओर से कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसके लिए निपुण कार्यक्रम के तहत स्कूलों में कक्षाओं का निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान विद्यार्थियों से एप पर सवाल पूछे जाएंगे। इस निरीक्षण की रिपोर्ट तैयार होगी। यह रिपोर्ट परफार्मेंस की होगी। इससे अध्ययन में बच्चों की वास्तविक स्थिति का पता चल सकेगा।
विद्यार्थियों की क्षमता में किया जाएगा सुधार
पेरेंट्स एप की मदद से विद्यार्थियों की क्षमता में सुधार किया जाएगा। विद्यार्थियों की कमजोरियां दूर की जाएंगी। इससे शिक्षकों और अभिभावकों को विद्यार्थियों की कमजोरी को दूर करने में आसानी होगी। -राजेश वशिष्ठ एफएलएन जिला को-ऑर्डिनेटर, जींद।