जींद। ग्रामीण सफाई कर्मियों की हड़ताल बुधवार को नौवें दिन भी जारी रही। इस दौरान जिले के ग्रामीण सफाई कर्मियों ने लघु सचिवालय पर धरना लगाया।
बुधवार को धरने की अध्यक्षता जुलाना ब्लॉक के कृष्ण लजवाना ने की जबकि संचालन संजय बुआना ने किया। धरने को संबोधित करते हुए कृष्ण मोरखी ने बताया कि प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मियों की हड़ताल 10 अक्तूबर से जारी है, लेकिन पिछले नौ दिनों में किसी भी मंत्री या सरकार के नुमाइंदे ने ग्रामीण सफाई कर्मियों की मांगों पर बातचीत के लिए नहीं बुलाया। इससे प्रदेश सरकार की अनुसूचित जाति और महिला विरोधी मंशा साफ नजर आ रही है। जिला सचिव कपूर सिंह ने बताया कि केंद्र व प्रदेश सरकार स्वच्छता का ढोंग करती है, असल में स्वच्छता का बीड़ा उठाने वाले ग्रामीण सफाई कर्मियों की जिंदगी की ओर सरकार का कोई ध्यान नहीं है।
प्रदेशभर के 11 हजार ग्रामीण सफाई कर्मी अपनी मांगों को लेकर पिछले नौ दिन से हड़ताल करके स्थाई रोजगार और समान वेतन के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन सरकार ने अभी तक वार्ता की कोई पहल नहीं की। पिछले 17 साल से बेगार और शोषण की मार झेल रहे सफाई कर्मियों को पक्का करने की नीति बनाकर कच्चे सफाई कर्मियों को पक्का करने का कदम सरकार निभाए तभी सफाई कर्मियों का भला हो सकता है। उन्होंने बताया कि पिछले नौ दिन से सरकार और पंचायत विभाग की तरफ से वार्ता के लिए कोई पहलकदमी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी यूनियन हरियाणा प्रदेशभर के ग्रामीण सफाई कर्मियों के साथ मिलकर 26 अक्तूबर को करनाल में वाल्मीकि जयंती मनाएगी। अगर सरकार अनुसूचित जाति और सफाई कर्मचारी हितैषी है तो 26 अक्तूबर को इस कार्यक्रम में पक्का करने की घोषणा करें।
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फोटो कैप्शन
18जेएनडी05: लघु सचिवालय के बाहर धरना देते हुए ग्रामीण सफाई कर्मी। संवाद
18जेएनडी05: लघु सचिवालय के बाहर धरना देते हुए ग्रामीण सफाई कर्मी। संवाद