जींद। असमर्थ महिला कल्याण ट्रस्ट के संस्थापक पंडित रामनिवास अहिरका ने नरवाना रोड पर संस्था के कार्यालय में गायत्री यज्ञ का आयोजन किया। हवन के बाद उन्होंने प्रवचन में कहा कि भक्ति रस के लिए मन की स्थिरता जरूरी है। संसार में बहुत से लोग मन में कुछ सोचते हैं, वाणी से कुछ बोलते हैं और कर्म से कुछ और ही करते हैं। जब तक हमारे मन, वचन और कर्म शुद्ध नहीं हो जाते, हम ईश्वर भक्ति के सत पथ पर आगे बढ़ ही नहीं सकते।