जींद। देवउठनी एकादशी पर सामाजिक प्रथा बाल विवाह होने का अंदेशा बना रहता है। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी कार्यालय टीम की विशेष नजर रहेगी। जिला महिला संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी सुनीता के दिशा-निर्देशन में बाल विवाह रोकने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं और एमडीडी ऑफ इंडिया एनजीओ का भी सहयोग लिया जा रहा है। हालांकि जिले में बाल विवाह पिछले वर्षों के मुकाबले घट रहे हैं। उन्होंने कहा कि अपने कार्यों के साथ-साथ विवाह में लड़का-लड़की के जन्म से संबंधित कागजात मंगवा कर देखें ताकि पता लग सके कि दोनों बालिग हैं या नहींं। संवाद