नरवाना। नागरिक अस्पताल में सोमवार से एसएनसीयू (विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई) की शुुुरुआत ऑनलाइन माध्यम से स्वास्थ्य मंत्री कमल गुप्ता उद्घानेटन करके की गई। इस दौरान अस्पताल में सिविल सर्जन जींद डॉ. गोपाल गोयल भी मौजूद रहे।
उन्होंने बताया कि एसएनसीयू का नागरिक अस्पताल में स्थापित होना नरवाना क्षेत्र के लिए वरदान साबित होगा। एसएनसीयू लगभग 41 लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुआ है। इसमें कुल 12 बेड हैं। इनमें से चार सेप्टिक, चार ए सेप्टिक और चार स्टेप डाउन हैं। इसके अलावा हर एक बेड पर मल्टी पैरामॉनिटर, इम्फयूजन पंप व सेंट्रल ऑक्सीजन की सप्लाई भी दी गर्ई है। जिन नवजात शिशुओं का वजन जन्म के समय औसतन से कम या अधिक होता है। जन्म के बाद बच्चे का शरीर व हाथ-पांव का रंग पीला पड़ जाता है, हाथ-पांव का ठंडा हो जाना, बच्चे का बहुत ज्यादा रोना या फिर बहुत ज्यादा बच्चे का सुस्त होना, समय से पहले बच्चे का जन्म हो जाना, जन्म के समय बच्चे का तालुव होंठ का कटा होना ऐसी गंभीर परेशानियों के लिए एसएनसीयू बच्चों के लिए वरदान साबित होता है, जिससे नवजात की जान बचाई जा सकती है या किसी प्रकार की विकृति हो उसको ठीक किया जा सकता है।
एसएमओं डॉ. देवेंद्र बिंदलिश ने बताया कि अब तक इस एसएनसीयू से 34 बच्चों का इलाज किया जा चुका है। इनमें से 26 बच्चे ठीक हुए तो बाकी के आठ बच्चों को रेफर कर दिया गया। यहां यूनिट नहीं होने के चलते अभिभावक अपने बच्चों को यहां से कैथल, हिसार, रोहतक व जींद ले जाते थे। अब यहां इलाज मिलेगा तो अभिभावकों को परेशानी कम होगी। स्वास्थ्य विभाग की मानें तो उनका कहना है कि बच्चों को दाखिल किए जाने के साथ सभी प्रकार की दवाइयां फ्री में उपलब्ध होगी और यहां खून टेस्ट भी निशुल्क किए जाएंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने एसएनसीयू में तीन मेडिकल डॉक्टर, स्टाफ नर्स और क्लास फोर के कर्मचारियों को लगाया है। एसएनसीयू में अभी विशेषज्ञ नहीं हैं। पूरे जिले में केवल एक ही बाल रोग विशेषज्ञ है। बाल रोग विशेषज्ञ के लिए प्रत्येक रविवार को जिला नागरिक अस्पताल में ओपन इंटरव्यू का समय दिया जाता है। जैसे ही कोई बाल रोग विशेषज्ञ आता है तो उसको तुंरत प्रभाव से एसएनसीयू में नवजात शिशुओं के इलाज के लिए रख लिया जाएगा। -डॉ. गोपाल गोयल, सिविल सर्जन, नागरिक अस्पताल जींद।
05जेएनडी44-एसएनसीयू के उद्घाटन अवसर पर डॉ. गोपाल गोयल और अन्य। संवाद